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Barabanki News: एनबीएसयू से हो रही नवजातों की सेहत की देखभाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:17 AM IST
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बाराबंकी। जिले में नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में न्यू बेबी स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) का संचालन शुरू कर दिया गया है। इन यूनिटों में जन्म के समय कम वजन वाले और बीमार बच्चों को उनकी माताओं के साथ रखकर इलाज किया जाएगा।
जिले के देवा, फतेहपुर, रामनगर, टिकैतनगर, रामसनेहीघाट, हैदरगढ़ और सिद्धौर स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा शुरू की गई है। रामनगर और सिद्धौर में बच्चों का उपचार भी शुरू हो चुका है। प्रत्येक यूनिट में एक साथ चार से पांच नवजातों को रखने की व्यवस्था है।
इन यूनिटों में ढ़ाई किलो से कम वजन वाले या जन्म के समय बीमार शिशुओं को भर्ती किया जा रहा है। बच्चों की निगरानी के लिए बाल रोग विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षित स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है। यूनिट की खास बात यह है कि यहां माताएं अपने बच्चों के साथ रह सकेंगी। इससे वे न केवल बच्चों की देखभाल कर सकेंगी, बल्कि समय-समय पर स्तनपान भी करा सकेंगी। एनएचएम के तहत संचालित इन यूनिटों की मॉनिटरिंग के लिए एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
बाक्स
माताओं के साथ रहकर स्वस्थ होंगे नवजात
इन सात अस्पतालों में एनबीएसयू का संचालन जिला महिला अस्पताल की कंगारू मदर केयर (केएमसी) यूनिट की तर्ज पर किया जा रहा है। हालांकि, दोनों की व्यवस्था में थोड़ा अंतर है। जहां कंगारू केयर यूनिट में बेड की सुविधा होती है, वहीं इन नई यूनिटों में शिशुओं के लिए वार्मर मशीनें लगाई गई हैं। इसके साथ ही माताओं के बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियां और अलग से स्तनपान कक्ष बनाए गए हैं ताकि वे अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें।
वर्जन
जिले के सात अस्पतालों में एनबीएसयू का संचालन शुरू कर दिया गया है। इन केंद्रों पर जन्म के समय कम वजन वाले और बीमार नवजातों को भर्ती कर इलाज की बेहतर सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही, वहां माताओं के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपने बच्चों की उचित देखभाल और स्तनपान करा सकें।
- डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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जिले के देवा, फतेहपुर, रामनगर, टिकैतनगर, रामसनेहीघाट, हैदरगढ़ और सिद्धौर स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा शुरू की गई है। रामनगर और सिद्धौर में बच्चों का उपचार भी शुरू हो चुका है। प्रत्येक यूनिट में एक साथ चार से पांच नवजातों को रखने की व्यवस्था है।
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इन यूनिटों में ढ़ाई किलो से कम वजन वाले या जन्म के समय बीमार शिशुओं को भर्ती किया जा रहा है। बच्चों की निगरानी के लिए बाल रोग विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षित स्टाफ नर्सों की तैनाती की गई है। यूनिट की खास बात यह है कि यहां माताएं अपने बच्चों के साथ रह सकेंगी। इससे वे न केवल बच्चों की देखभाल कर सकेंगी, बल्कि समय-समय पर स्तनपान भी करा सकेंगी। एनएचएम के तहत संचालित इन यूनिटों की मॉनिटरिंग के लिए एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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माताओं के साथ रहकर स्वस्थ होंगे नवजात
इन सात अस्पतालों में एनबीएसयू का संचालन जिला महिला अस्पताल की कंगारू मदर केयर (केएमसी) यूनिट की तर्ज पर किया जा रहा है। हालांकि, दोनों की व्यवस्था में थोड़ा अंतर है। जहां कंगारू केयर यूनिट में बेड की सुविधा होती है, वहीं इन नई यूनिटों में शिशुओं के लिए वार्मर मशीनें लगाई गई हैं। इसके साथ ही माताओं के बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियां और अलग से स्तनपान कक्ष बनाए गए हैं ताकि वे अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकें।
वर्जन
जिले के सात अस्पतालों में एनबीएसयू का संचालन शुरू कर दिया गया है। इन केंद्रों पर जन्म के समय कम वजन वाले और बीमार नवजातों को भर्ती कर इलाज की बेहतर सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही, वहां माताओं के ठहरने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि वे अपने बच्चों की उचित देखभाल और स्तनपान करा सकें।
- डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
