{"_id":"6a3c307b9976f9c16c0b1748","slug":"hospitals-operating-in-basements-putting-patients-lives-at-risk-barabanki-news-c-315-1-slko1014-172038-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: बेसमेंट में चल रहे अस्पताल, जोखिम में मरीजों की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: बेसमेंट में चल रहे अस्पताल, जोखिम में मरीजों की जान
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बाराबंकी। शहर में करीब आधा दर्जन से ज्यादा अस्पताल बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं। यहां पर न तो सुरक्षा के उपकरण हैं और न ही आग से निपटने के इंतजाम। ऐसे में कोई हादसा हो जाए तो मरीजों की जान जोखिम में पड़ना तय है। शासन के आदेश पर सीएमओ ने इन अस्पतालों की जांच के लिए दो सदस्यीय टॉस्क फोर्स का गठन किया है, जो तीन दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देगी।
जिले में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या करीब 320 है। जिले में कितने अस्पताल बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं, इसका कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। शहर के पल्हरी चौराहा, नाका पैसार, सतोखर तालाब सहित आधा दर्जन स्थानों पर अस्पताल बेसमेंट में अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं। यहां पर सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।
इस पर विभाग ने पंजीकृत सभी अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का तीन दिन का अवसर दिया है। विभाग से जारी आदेश के बाद अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
विज्ञापन
निजी अस्पतालों की जांच के लिए दो सदस्यीय टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। इन अस्पतालों की जांच का जिम्मा एसीएमओ डॉ. संजय बाबू और डॉ. एलबी गुप्ता को सौंपा गया है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ
जिले में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या करीब 320 है। जिले में कितने अस्पताल बेसमेंट में संचालित हो रहे हैं, इसका कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। शहर के पल्हरी चौराहा, नाका पैसार, सतोखर तालाब सहित आधा दर्जन स्थानों पर अस्पताल बेसमेंट में अवैध तरीके से संचालित हो रहे हैं। यहां पर सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पर विभाग ने पंजीकृत सभी अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने का तीन दिन का अवसर दिया है। विभाग से जारी आदेश के बाद अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
निजी अस्पतालों की जांच के लिए दो सदस्यीय टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है। इन अस्पतालों की जांच का जिम्मा एसीएमओ डॉ. संजय बाबू और डॉ. एलबी गुप्ता को सौंपा गया है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- डॉ. रंजन गौतम, सीएमओ