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Barabanki News: दृढ़निश्चयी राजनेता थे संग्राम सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:58 AM IST
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बाराबंकी। संग्राम सिंह वर्मा एक सफल उद्यमी और दृढ़ निश्चयी राजनेता के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में मात्र 26 वोटों से हार स्वीकार कर पुनर्मतगणना नहीं कराने का बड़ा निर्णय लिया था। इस फैसले से उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को भी शांत किया था।
वर्ष 2006 में उन्होंने तत्कालीन सपा नेता बेनी प्रसाद वर्मा को राजनीतिक टक्कर दी। उन्होंने अपने भाई सुरेंद्र सिंह वर्मा की पत्नी शीला सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में उतारा। जीत हासिल कर शीला सिंह को अध्यक्ष बनाया।
मतदान के दौरान एक महिला मतदाता के घर पर विवाद में पूर्व विधायक हरदेव रावत की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में संग्राम सिंह वर्मा समेत आधा दर्जन लोग नामजद हुए, पर वह बाइज्जत बरी हुए। इसके बाद उनकी राजनीति में दबदबा कायम रहा।
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मतदान के दौरान एक महिला मतदाता के घर पर विवाद में पूर्व विधायक हरदेव रावत की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में संग्राम सिंह वर्मा समेत आधा दर्जन लोग नामजद हुए, पर वह बाइज्जत बरी हुए। इसके बाद उनकी राजनीति में दबदबा कायम रहा।