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Barabanki News: जांच के बाद अब तक सात हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र निरस्त
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Sun, 18 Jan 2026 12:24 AM IST
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रायबरेली। जिले के सलोन ब्लॉक की ग्राम पंचायताें में बनाए गए 52 हजार से अधिक फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम चल रहा है। एक साथ निरस्तीकरण का ऑप्शन न होने से इन्हें एक-एक कर डिलीट किया जा रहा है। इसके चलते ही अब तक मात्र सात हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र ही निरस्त हो सके हैं। इसमें से करीब 800 प्रमाणपत्र लखनऊ के पते पर बनाए गए थे। सर्वर की सुस्त रफ्तार भी प्रमाणपत्रों को निरस्त करने के काम में अड़ंगा लगा रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जुलाई 2024 में रायबरेली आई थी। इसके बाद सलोन ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके मो. जीशान व उसके साथियों द्वारा फर्जीवाड़ा कर 52,607 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने की पुष्टि हुई थी। पड़ताल में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु पंजाब तक के लोगों के प्रमाणपत्र बनाने के मामले पकड़ में आए थे।
शासन ने आदेश पर अब इन फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम किया जा रहा है। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने भारत सरकार से एक साथ सभी जाली प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने का ऑप्शन भी मांगा था। एक साथ निरस्त करने की सुविधा न मिल पाने के कारण ही प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम काफी धीमी रफ्तार से हो रहा है।
डीपीआरओ ने बताया कि अब तक करीब सात हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जुलाई 2024 में रायबरेली आई थी। इसके बाद सलोन ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके मो. जीशान व उसके साथियों द्वारा फर्जीवाड़ा कर 52,607 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनाने की पुष्टि हुई थी। पड़ताल में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु पंजाब तक के लोगों के प्रमाणपत्र बनाने के मामले पकड़ में आए थे।
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शासन ने आदेश पर अब इन फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम किया जा रहा है। डीपीआरओ सौम्यशील सिंह ने भारत सरकार से एक साथ सभी जाली प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने का ऑप्शन भी मांगा था। एक साथ निरस्त करने की सुविधा न मिल पाने के कारण ही प्रमाणपत्रों को निरस्त करने का काम काफी धीमी रफ्तार से हो रहा है।
डीपीआरओ ने बताया कि अब तक करीब सात हजार फर्जी जन्म प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं।
