{"_id":"695eaaad8cfa203c2c0de5a7","slug":"staff-crisis-in-womens-hospital-deficiencies-found-in-investigation-barabanki-news-c-315-1-slko1014-155769-2026-01-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barabanki News: महिला अस्पताल में स्टाफ का संकट, जांच में मिलीं कमियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barabanki News: महिला अस्पताल में स्टाफ का संकट, जांच में मिलीं कमियां
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Thu, 08 Jan 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बाराबंकी। जिला महिला अस्पताल और फर्स्ट रेफरल यूनिटों में उपलब्ध संसाधनों और स्टॉफ की हकीकत परखने के लिए शासन द्वारा नामित रिसर्च अधिकारी अरुणा सिंह ने बुधवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि अस्पताल में संसाधनों से ज्यादा चिकित्सकों की कमी है।
उन्होंने सबसे पहले सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार से उपलब्ध स्टाफ की जानकारी ली। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में बेहोशी (एनेस्थीसिया) का एक भी डॉक्टर नहीं है, जिससे कामकाज में काफी कठिनाई हो रही है। इसके अलावा तीन ईएमओ के पद खाली हैं और रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अन्य प्रशिक्षित डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ रही है।
इसके बाद अरुणा सिंह ने लेबर रूम, आधुनिक पैथोलॉजी, दवा वितरण कक्ष और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती प्रसूताओं से बातचीत कर अस्पताल की सुविधाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने यहां संचालित कंगारू मदर केयर यूनिट का भी जायजा लिया। वार्ड में नवजात शिशुओं और माताओं के लिए की गई व्यवस्था की उन्होंने सराहना की और कहा कि ऐसी व्यवस्था सभी एफआरयू केंद्रों पर होनी चाहिए।
Trending Videos
उन्होंने सबसे पहले सीएमएस डॉ. प्रदीप कुमार से उपलब्ध स्टाफ की जानकारी ली। सीएमएस ने बताया कि अस्पताल में बेहोशी (एनेस्थीसिया) का एक भी डॉक्टर नहीं है, जिससे कामकाज में काफी कठिनाई हो रही है। इसके अलावा तीन ईएमओ के पद खाली हैं और रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अन्य प्रशिक्षित डॉक्टरों की मदद लेनी पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके बाद अरुणा सिंह ने लेबर रूम, आधुनिक पैथोलॉजी, दवा वितरण कक्ष और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने वार्डों में भर्ती प्रसूताओं से बातचीत कर अस्पताल की सुविधाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने यहां संचालित कंगारू मदर केयर यूनिट का भी जायजा लिया। वार्ड में नवजात शिशुओं और माताओं के लिए की गई व्यवस्था की उन्होंने सराहना की और कहा कि ऐसी व्यवस्था सभी एफआरयू केंद्रों पर होनी चाहिए।
