सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Barabanki News ›   The quack has the cure for every disease!

Barabanki News: झोलाछाप के पास है हर मर्ज की दवा

संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी Updated Fri, 27 Mar 2026 02:29 AM IST
विज्ञापन
The quack has the cure for every disease!
दुकान में चल रही क्लीनिक को बंद कराते स्वास्थ्य विभाग केअ​धिकारी। फाइल फोटो
विज्ञापन
बाराबंकी। झोलाछाप के पास हर मर्ज का इलाज है। इनके पास एक बार मरीज आ जाता है तो फिर वापस नहीं जाता है। इनके यहां मरीज को भर्ती करने से लेकर ऑपरेशन से प्रसव कराने तक की सुविधा रहती है। लेकिन यदि खुद से बात नहीं बनती है तो पंजीकृत अस्पताल में लाकर मरीज को भर्ती करा अपना कमीशन लेकर किनारे हो जाते हैं। यह खेल लंबे समय से जिले में चल रहा है।
Trending Videos

विभाग के अनुसार जिले में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या 320 और पंजीकृत क्लीनिक की संख्या 46 के आसपास है। लेकिन यहां पर झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क काफी तगड़ा है। भले ही इनके पास मेडिकल की कोई डिग्री न हो लेकिन इलाज हर प्रकार का करते हैं। यहीं वजह है कि कभी-कभी इनके गलत इलाज से मरीज की मौत भी हो जाती है। अभी कुछ दिन पूर्व नानमऊ निवासी दिलावर की हालत बिगड़ने पर हरख में एक झोलाछाप के पास ले गए जहां मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के मोहल्ला लखपेड़ाबाग, बड़ेल, प्रज्ञापुरम में कई ऐसे झोलाछाप है जो क्लीनिक के साथ ही अपना खुद का अस्पताल भी चला रहे हैं। इनका सबसे बड़ा गढ़ बदोसरायं, मरकामऊ, रानीमऊ, सूरतगंज, लालपुर करौता में है। इसके अलावा सादुल्लापुर हरख चौराहा, भानमऊ, देवीगंज, दरियाबाद में भी झोलाछाप की दुकानें सजी रहती हैं।
केस एक
फंगस बता कटा दिया अंगूठा
हजरतपुर गांव में एक झोलाछाप ने करीब तीन साल पहले हाथ में फंगस बता कर अंगूठा काट डाला। शिकायत के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। सीएमओ के निर्देश पर सीएससी अधीक्षक डॉॅ. संतोष सिंह ने दुकान पर ताला लगाकर सीज कर दिया।
केस दो
सीजर के बाद चली गई जच्चा-बच्चा की जान
बिशुनपुर में एक झोलाछाप महिला द्वारा टीकापुर की गीता का सीजर कर दिया। हालत बिगड़ने पर उसे रेफर कर दिया। परिजन अस्पताल लेकर आ रहे थे रास्ते में मौत हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने पहुंचे इससे पहले महिला दुकान में ताला लगाकर फरार हो गई।
वर्जन
बिना पंजीकरण के अस्पताल और क्लीनिक का संचालन करना पूरी तरह से अपराध है। इसकी समय-समय पर जांच की जाती है और ऐसा पाया जाने पर उसे बंद करा कर विभागीय कार्रवाई की जाती है।
डॉ. एलबी गुप्ता, नोडल अधिकारी, एसीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed