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Barabanki News: जेल के अंदर हाई सिक्योरिटी में रखा गया गला काटने का आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:23 AM IST
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बाराबंकी। टिकैतनगर थाना क्षेत्र में शनिवार को दिनदहाड़े आइसक्रीम विक्रेता की गला काटकर की गई निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। रविवार को न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जहां उसकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी बार-बार सिर्फ एक ही बात दोहराता रहा कि मैंने कत्ल किया है। उसकी मानसिक स्थिति और व्यवहार को देखते हुए जेल में भी उसे हाई सिक्योरिटी में रखा गया है।
दरियाबाद के पारा बेहटा गांव निवासी 21 वर्षीय बबलू राजभर आइसक्रीम बेचने निकला था। वह टिकैतनगर के नेपुरा मजरे परसावल गांव पहुंचा, जहां गांव के बाहर झोपड़ी बनाकर रहने वाले शंकर यादव ने उससे आइसक्रीम खरीदी। बबलू ने पैसा मांगा तो उसने कमर में बांध रखे धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। इतना ही नहीं वह सिर झोपड़ी में ले गया और जलते हुए चूल्हे पर रख दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी शंकर यादव पिछले करीब 10 साल से अपनी पत्नी और दो बेटों से अलग रह रहा था। उसे पैतृक जमीन मिली थी, जिस पर वह खेती करता था और गांव के बाहर झोपड़ी में अकेला रहता था।
टिकैतनगर के थानाध्यक्ष मनाेज कुमार ने बताया कि पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने के अलावा कोई भी जानकारी नहीं दी। हत्या का कारण पूछने पर चुप रहा। क्या यह सिर्फ मानसिक विकृति थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है पुलिस इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश में जुटी है।
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झोपड़ी में मधुमक्खी का छत्ता...पुलिस दंग
घटना के बाद जब पुलिस ने आरोपी की झोपड़ी की तलाशी ली तो कई अजीब बातें सामने आईं। झोपड़ी के भीतर एक टूटी चारपाई, थोड़ा अनाज और एक बड़ा मधुमक्खी का छत्ता मिला। हैरानी की बात यह रही कि झोपड़ी के अंदर छत्ता होने के बावजूद न तो आरोपी के शरीर पर मधुमक्खी के डंक के निशान मिले और न ही घटना के दौरान किसी प्रकार की बाधा आई। जबकि पुलिस के पहुंचते ही मधुमक्खियां झुंड बनाकर बाहर निकलने लगीं।
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समाज से अलग होने पर विकृत मानसिकता का संकेत: मनोवैज्ञानिक
मनोवैज्ञानिक शैली श्रीवास्तव के अनुसार यह घटना विकृत मानसिकता का संकेत है। बिना किसी दुश्मनी के या तो आरोपी के मन में अचानक हिंसक विचार आया या तो उसने पहले से किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बना रखी थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह समाज से अलग-थलग रहने वाले लोग धीरे-धीरे असामान्य व्यवहार करने लगते हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होती है।
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टिकैतनगर के थानाध्यक्ष मनाेज कुमार ने बताया कि पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार करने के अलावा कोई भी जानकारी नहीं दी। हत्या का कारण पूछने पर चुप रहा। क्या यह सिर्फ मानसिक विकृति थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है पुलिस इस रहस्य से पर्दा उठाने की कोशिश में जुटी है।
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झोपड़ी में मधुमक्खी का छत्ता...पुलिस दंग
घटना के बाद जब पुलिस ने आरोपी की झोपड़ी की तलाशी ली तो कई अजीब बातें सामने आईं। झोपड़ी के भीतर एक टूटी चारपाई, थोड़ा अनाज और एक बड़ा मधुमक्खी का छत्ता मिला। हैरानी की बात यह रही कि झोपड़ी के अंदर छत्ता होने के बावजूद न तो आरोपी के शरीर पर मधुमक्खी के डंक के निशान मिले और न ही घटना के दौरान किसी प्रकार की बाधा आई। जबकि पुलिस के पहुंचते ही मधुमक्खियां झुंड बनाकर बाहर निकलने लगीं।
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मनोवैज्ञानिक शैली श्रीवास्तव के अनुसार यह घटना विकृत मानसिकता का संकेत है। बिना किसी दुश्मनी के या तो आरोपी के मन में अचानक हिंसक विचार आया या तो उसने पहले से किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बना रखी थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह समाज से अलग-थलग रहने वाले लोग धीरे-धीरे असामान्य व्यवहार करने लगते हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होती है।