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Bareilly News: रुहेलखंड विश्वविद्यालय में किसानों की मदद के लिए कृषि हेल्प सेंटर जल्द होगा शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 04 May 2026 01:29 AM IST
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रुहेलखंड विश्वविद्यालय का कृषि विभाग किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द ही एक हेल्प सेंटर शुरू करेगा। इस पहल के तहत परास्नातक के विद्यार्थी किसानों तक पहुंचकर उनकी तकनीकी समस्याओं का निवारण करेंगे। यह केंद्र विश्वविद्यालय के आसपास के किसानों को सीधे सहायता प्रदान करेगा।
विद्यार्थी इस केंद्र के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों के रूप में कार्य करेंगे। उन्हें किसानों की मदद के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी किसानों के खेत पर जाकर भी उनकी सहायता करेंगे। मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि यदि किसान अपनी फसल में लगी बीमारी लेकर आते हैं, तो विद्यार्थी उन्हें बीमारी और उसके उपचार के बारे में बताएंगे। कृषि के परास्नातक के विद्यार्थी तृतीय सेमेस्टर में इन तकनीकों को सीखेंगे। एमएससी हॉर्टिकल्चर, एमएससी एग्रोनॉमी और एमएससी एग्रीकल्चर के विद्यार्थी इस पहल का हिस्सा बनेंगे। यह प्रयास केंद्र सरकार के किसान हेल्प सेंटर की तरह ही किसानों के लिए मददगार सिद्ध होगा। इससे विश्वविद्यालय भी किसानों की सहायता के लिए स्वयं को कारगर सिद्ध कर सकेगा।
किसानों को मिलेगी सीधी तकनीकी सहायता
हेल्प सेंटर के माध्यम से विद्यार्थी किसानों की समस्याओं को समझेंगे। वे उन्हें फसल में लगने वाली बीमारियों की पहचान और उनके उपचार के बारे में जानकारी देंगे। यह पहल किसानों को उनकी कृषि उपज बढ़ाने में मदद करेगी। विद्यार्थी तकनीकी समाधानों को किसानों तक पहुंचाएंगे।परास्नातक के विद्यार्थी आगामी सेमेस्टर में इस केंद्र का संचालन करेंगे। यह उन्हें कृषि वैज्ञानिक के रूप में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। खेत पर जाकर सहायता करने से उनका ज्ञान और कौशल बढ़ेगा। यह पहल उनके पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
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विद्यार्थी इस केंद्र के माध्यम से कृषि वैज्ञानिकों के रूप में कार्य करेंगे। उन्हें किसानों की मदद के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थी किसानों के खेत पर जाकर भी उनकी सहायता करेंगे। मीडिया प्रभारी विनय वर्मा ने बताया कि यदि किसान अपनी फसल में लगी बीमारी लेकर आते हैं, तो विद्यार्थी उन्हें बीमारी और उसके उपचार के बारे में बताएंगे। कृषि के परास्नातक के विद्यार्थी तृतीय सेमेस्टर में इन तकनीकों को सीखेंगे। एमएससी हॉर्टिकल्चर, एमएससी एग्रोनॉमी और एमएससी एग्रीकल्चर के विद्यार्थी इस पहल का हिस्सा बनेंगे। यह प्रयास केंद्र सरकार के किसान हेल्प सेंटर की तरह ही किसानों के लिए मददगार सिद्ध होगा। इससे विश्वविद्यालय भी किसानों की सहायता के लिए स्वयं को कारगर सिद्ध कर सकेगा।
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किसानों को मिलेगी सीधी तकनीकी सहायता
हेल्प सेंटर के माध्यम से विद्यार्थी किसानों की समस्याओं को समझेंगे। वे उन्हें फसल में लगने वाली बीमारियों की पहचान और उनके उपचार के बारे में जानकारी देंगे। यह पहल किसानों को उनकी कृषि उपज बढ़ाने में मदद करेगी। विद्यार्थी तकनीकी समाधानों को किसानों तक पहुंचाएंगे।परास्नातक के विद्यार्थी आगामी सेमेस्टर में इस केंद्र का संचालन करेंगे। यह उन्हें कृषि वैज्ञानिक के रूप में कार्य करने का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। खेत पर जाकर सहायता करने से उनका ज्ञान और कौशल बढ़ेगा। यह पहल उनके पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
