चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा बुधवार को जेल से बाहर निकलने के बाद भाजपा के स्टिकर लगी गाड़ी में बैठकर रवाना हुई। यह गाड़ी भाजपा के एक नेता की बताई जाती है, जिसको लेकर खासी चर्चा रही।
चिन्मयानंद मामला: भाजपा के स्टिकर वाली गाड़ी में बैठकर जेल से रवाना हुई छात्रा, सबसे पहले गई मंदिर
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गाड़ी किसकी है, इसकी किसी ने पुष्टि नहीं की। सीजेएम कोर्ट से रिहाई आदेश जारी होने के बाद छात्रा के पिता और भाई जिला जेल गेट पर बाइक से पहुंचे। कुछ देर बाद पिता चले गए और कार लेकर लौटे।
कार के पीछे भाजपा का स्टिकर लगा था, जिस पर भाजपा युवा मोर्चा नगर उपाध्यक्ष लिखा था। सुरक्षा के लिए एक दरोगा के नेतृत्व में पुलिस की गाड़ी मौजूद थी। छात्रा के जेल से निकलते ही महिला पुलिस कर्मियों ने सुरक्षा घेरा बना लिया। छात्रा सीधे जाकर गाड़ी में बैठ गई। पीछे से पिता और सुरक्षा कर्मी बैठे। जेल से रवाना होने के बाद छात्रा ने पहले मंदिर जाकर दर्शन किए। वहां से कार घर चली गई।
छात्रा की रिहाई पर परिवार वालों में खुशी है, लेकिन उन्होंने इसका इजहार नहीं किया। छात्रा के घर पहुंचने के बाद मुख्य दरवाजा बंद दिखा। घर का माहौल आम दिनों की तरह सामान्य नजर आया। सुरक्षा के लिहाज से दरवाजे पर पुलिस मौजूद थी।
जेल के सामने सड़क पर लगा जाम
छात्रा की रिहाई के आदेश जारी होने का पता लगते ही मीडियाकर्मी जेल के दरवाजे के सामने जा पहुंचे। इसकी चर्चा फैली तो कई अन्य लोग जमा हो गए। भीड़ होने से जेल दरवाजे के सामने भारी जाम लग गया। छात्रा के रवाना होने के बाद भीड़ हट गई, जिसके बाद यातायात खुल सका।