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Bareilly News: झोलाछाप पर कार्रवाई न होने पर परिजनों ने किया हंगामा, मरीज को सीएमओ कार्यालय के बाहर लिटाया

अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 04 Feb 2026 02:44 PM IST
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सार

बरेली में झोलाछाप के गलत उपचार से एक मरीज की जान पर बन आई। उसके परिजनों की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी का क्लीनिक तो बंद करा दिया, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज परिजन बुधवार को मरीज को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने हंगामा कर दिया।  

family created ruckus after no action was taken against the quack doctor in Bareilly
सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर लेटा मरीज, पास में खड़े परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में गलत ऑपरेशन कर जान खतरे में डालने वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर नाराज मरीज बुधवार को ऑटो से सीएमओ कार्यालय पहुंच गया। उसके साथ आए परिजनों ने आरोप लगाया कि नोडल अफसर ने झोलाछाप का क्लीनिक तो बंद करा दिया, लेकिन उसके खिलाफ न तो मुकदमा दर्ज कराया और न ही थाने को सीएमओ कार्यालय की तरफ से कोई रिपोर्ट भेजी है। मामले में कार्रवाई न होने तक परिजन ने कार्यालय में ही धरना की बात कही। हालांकि कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और परिजन को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।

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सीएमओ कार्यालय में बुधवार को बारादरी के डोहरा गौटिया निवासी शिशुपाल अपने बेटे अजय को लेकर पहुंचे। अजय ऑटो में लेटा था और लगातार उलटी कर रहा था। शिशुपाल ने बताया कि माह भर पहले बेटे को पेट दर्द था। उसकी जांच रिपोर्ट लेकर वह पीलीभीत बाईपास स्थित प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक गए, जहां जय वीर नामक व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर बताया। जयवीर ने पेशाब की जगह में पानी भरने की बात बताई और उसका ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद 25 दिनों तक क्लीनिक पर बुलाकर पट्टी की और तीन बार टांके लगाए, लेकिन रक्तस्राव नहीं रुका। इसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी और वह चलने में भी असमर्थ हो गया है।

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क्लीनिक किया सील, झोलाछाप पर कार्रवाई नहीं
शिशुपाल का आरोप है कि जब उसने सीएमओ कार्यालय में शिकायत की तो नोडल अधिकारी ने क्लीनिक सील करा दिया, लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि उसने गलत ऑपरेशन की बात कही थी। जब क्लीनिक अवैध था तो झोलाछाप के खिलाफ एफआईआर क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने सवाल किया कि पीलीभीत बाईपास पर झोलाछाप क्लीनिक संचालित कर रहा था और नोडल अधिकारी को इसकी भनक तक न लगना गले नहीं उतर रहा है।

झोलाछाप नोडल अफसर से मिलने कार्यालय पहुंचा
बुधवार को घटनाक्रम के दौरान आरोपी झोलाछाप के भी नोडल अफसर कार्यालय में मौजूदगी की बात कही गई। परिजन का कहना है कि अफसर से साठगांठ के चलते नोडल कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। दूसरी ओर, झोलाछाप जयवीर ने आरोपों को खारिज किया उसका कहना है ऑपरेशन उसने नहीं किया। गलत आरोप लगा रहे हैं। इसका लिखित बयान देने वह कार्यालय आया था।

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