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नियम ताक पर: बरेली में कई कोचिंग संस्थानों में नहीं हैं अग्नि सुरक्षा के इंतजाम, पड़ताल में सामने आई हकीकत

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Tue, 23 Jun 2026 02:35 PM IST
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सार

लखनऊ हादसे के बाद भी बरेली में कई कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। इनमें से केवल 168 पंजीकृत हैं और सिर्फ सात के पास अग्निशमन अनापत्ति प्रमाणपत्र है। पड़ताल में इन कोचिंग सेंटरों की हकीकत सामने आई।  

Many coaching institutes in Bareilly lack fire safety arrangements
घर में संचालित हो रहा कोचिंग सेंटर - फोटो : संवाद
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विस्तार

लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इसके विपरीत बरेली के जिला प्रशासन, उच्च शिक्षा विभाग और कोचिंग संचालकों की नींद नहीं टूटी है। यहां तंग गलियों से लेकर पॉश इलाकों तक में 500 से ज्यादा कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से सिर्फ 168 ही पंजीकृत हैं। इनमें से भी सिर्फ सात के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र (फायर एनओसी) है। बाकी संस्थान मौत के कुएं की तरह संचालित हो रहे हैं।



संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में इस खेल का खुलासा हुआ है। आंकड़ों से स्पष्ट है कि पंजीकरण में भी नियमों की अनदेखी की गई है। फायर एनओसी के बिना ही उच्च शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण कर दिया। नियमानुसार, फायर एनओसी प्रस्तुत करने के बाद ही कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण किया जाना चाहिए था। अगर कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदारों की यह लापरवाही इन कोचिंग सेंटरों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की जान पर भारी पड़ सकती है।
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सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर रिहायशी मकानों, बेसमेंट और तंग गलियों में चलाई जा रही ये कोचिंग कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकती हैं। प्रशासन इस गंभीर खतरे को भांपने के बावजूद तत्काल ठोस कदम उठाने के बजाय दो जुलाई से अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है।

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Many coaching institutes in Bareilly lack fire safety arrangements
कई कोचिंग सेंटरों के पास नहीं है फायर एनओसी - फोटो : संंवाद

घर में संचालित हो रही कोचिंग
रिहायशी इलाके जनकपुरी में एक घर के भीतर ही कोचिंग संचालित की जा रही है। यहां आग बुझाने का एक साधारण यंत्र तक मौजूद नहीं है। कोचिंग संचालक से सवाल किया गया तो उन्होंने जिम्मेदारी लेने के बजाय सरकारी विभागों का हवाला देते हुए मामले को टाल दिया।

संकरी गली में खोल दिया सेंटर
बांके बिहारी मंदिर के पास एक संकरी गली में स्थित भवन के प्रथम तल पर कोचिंग संचालित की जा रही है। नीचे परिवार रह रहा है। यह लापरवाही किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में भारी जनहानि का सबब बन सकती है।

कबाड़ से पटा है आपातकालीन द्वार
आवास विकास कॉलोनी स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर का हाल और भी बदतर मिला। यहां पहली मंजिल पर काफी संख्या में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, लेकिन वहां का आपातकालीन निकास द्वार कबाड़ से पटा और बंद है।

आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं
झूलेलाल द्वार रोड के पास स्थित एक अन्य कोचिंग सेंटर में ग्राउंड फ्लोर पर क्लास और पहली मंजिल पर लाइब्रेरी संचालित की जा रही है, मगर पूरे परिसर में आपातकालीन निकास की कोई व्यवस्था नहीं है।

विभागों में तालमेल नहीं
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा का कहना है कि उनके विभाग को यह जानकारी ही नहीं दी जाती कि जिले में कुल कितने कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण हुआ है। विभागों के बीच तालमेल की इस कमी का फायदा कोचिंग संचालक उठा रहे हैं। उन्हें बच्चों के भविष्य और उनकी जान से ज्यादा चिंता अपनी जेबें भरने की है।

क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि दो जुलाई से सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए सभी पंजीकृत संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। नियमानुसार एनओसी के बिना पंजीकरण नहीं हो सकता। एक जून से ही मैंने कार्यभार संभाला है। यहां इन कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण कैसे हुआ है, इसकी जांच कराई जाएंगी।

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