Bareilly News: हिस्ट्रीशीटर मनोज जायसवाल और उसके चार साथी शराब माफिया घोषित, पुलिस ने बढ़ाई निगरानी
बरेली में पुलिस ने शराब कारोबार के अवैध संचालन से जुड़े मनोज जायसवाल और उसके चार साथियों को माफिया घोषित किया है। इनकी निगरानी बढ़ाई गई है और अवैध संपत्तियां चिह्नित होंगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में शराब कारोबार के अवैध संचालन से जुड़े मनोज जायसवाल और उसके चार साथियों को एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने माफिया घोषित कर दिया है। माफिया घोषित करने के बाद शराब तस्कर गिरोह की निगरानी बढ़ा दी गई है। निगरानी की जिम्मेदारी बारादरी इंस्पेक्टर को दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी मनोज जायसवाल का गिरोह आर्थिक लाभ कमाने के लिए लगातार शराब तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। इंस्पेक्टर बारादरी की आख्या पर गिरोह की निगरानी करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए मनोज के गैंग को माफिया घोषित किया गया है।
टपरी डिस्टलरी शराब घोटाले में नामजद है मनोज
सहारनपुर के टपरी डिस्टलरी शराब घोटाले में भी मनोज जायसवाल को नामजद किया गया और उसकी संपत्तियां कुर्क की जा रही हैं। मनोज के गिरोह के अशोक दीक्षित (निवासी गांधीनगर थाना कोतवाली, जिला उन्नाव), अजय जायसवाल (निवासी बृजलाल नगर, थाना इज्जतनगर), अरुण कुमार पांडेय (निवासी थाना अतरौलिया, जिला आजमगढ़) और संजय कुमार (निवासी गांव बेहटा थाना फतेहगंज पश्चिमी) को माफिया घोषित किया गया है।
शराब माफिया घोषित करने के बाद पुलिस गिरोह की गतिविधियों पर लगाम लगाएगी। पुलिस गिरोह के सदस्यों की अवैध संपत्ति भी चिह्नित करेगी। पांचों के खिलाफ लखनऊ के एसआईटी थाने में भी मामला दर्ज है। सहारनपुर शराब घोटाले में करोड़ों रुपये के राजस्व का घोटाला किया गया था। इसके बाद मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल समेत 27 लोगों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी।
सहारनपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद मनोज जायसवाल की बरेली में भी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। अब गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए मनोज और उसके चारों साथियों को माफिया घोषित किया गया है।
कुर्क हो चुकी है मनोज की संपत्ति
कुछ दिन पहले सहारनपुर पुलिस ने बरेली पुलिस की मदद से शराब माफिया मनोज जायसवाल की संपत्ति कुर्क की थी। अब माफिया घोषित होने के बाद मनोज और उसके चारों साथियों की संपत्तियों को दोबारा चिह्नित किया जा रहा है। गिरोह के सदस्यों के पास अवैध संपत्ति मिलने पर उसे कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। बरेली पुलिस अशोक दीक्षित और अरुण पांडेय पर कार्रवाई करने के लिए उन्नाव और आजमगढ़ जा सकती है।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि पुलिस अवैध शराब तस्करी, जुआ, सट्टा जैसे समाज विरोधी कार्यों व संगठित अपराध करने वालों पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। संबंधित थाना प्रभारी व अधिकारियों को ऐसे गिरोह पर सतत निगरानी का निर्देश दिया गया है।