Budget 2026: बरेली के प्रबुद्धजन बोले- बजट विकासपरक और दूरदर्शी, पर कुछ और मिलने की कसक बाकी
बरेली में रविवार को अमर उजाला कार्यालय परिसर में आयोजित बजट पर चर्चा में शहर के प्रमुख उद्यमी, व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, युवाओं, चिकित्सक और अर्थशास्त्री ने बेबाकी से विचार साझा किए। किसी ने बजट को बेहतर बताया तो किसी ने कहा कि इस बार बजट में आम लोगों को कुछ खास नहीं मिला।
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केंद्र सरकार का बजट चुनाव और राजनीति से इतर विकासपरक है। उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर तमाम क्षेत्रों पर धनवर्षा की गई है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा व्यापार और स्वरोजगार के लिए युवाओं की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकी। जिसकी कसक बाकी है। बरेली में रविवार को अमर उजाला कार्यालय परिसर में आयोजित बजट पर चर्चा में शहर के प्रमुख उद्यमी, व्यापारी, चार्टर्ड अकाउंटेंट, युवाओं, चिकित्सक और अर्थशास्त्री ने बेबाकी से विचार साझा किए।
व्यापारियों की पांच लाख रुपये तक का दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा, जीएसटी कंपोजीशन स्कीम की सीमा बढ़ाने, जीएसटी रिटर्न, नोटिस प्रक्रिया को सहज बनाने, ऑनलाइन कारोबार पर नकेल कसने, सस्ती दर पर ऋण, कच्चे माल के सापेक्ष उत्पाद पर जीएसटी समायोजन, सराफा पर जीएसटी घटाने की उम्मीद पूरी नहीं हुईं। युवाओं के लिए स्टार्टअप, सस्ती शिक्षा की आस अधूरी रही।
उद्यमियों ने एमएसएमई सेक्टर में दस हजार करोड़ का बजट देने से उद्यमिता में गति की बात कही। डॉक्टरों ने कैंसर, डायबिटीज दवा के दाम घटाने के फैसले का स्वागत किया। आयुष क्षेत्र में रिसर्च एंड डेवलपमेंट, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक एम्स की घोषणा से राहत की बात कही है।
पिछले बजट का बूस्टर है आम बजट, दूरगामी और संतुलित
सीए अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि आम बजट पिछले वर्ष प्रस्तुत बजट का बूस्टर है। जो दूरगामी और संतुलित है। बीते वर्ष आयकर सीमा बढ़ी, जीएसटी-2 से उत्पाद सस्ते हुए। वेतनभोगियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ी। टीडीएस घटने से निवेश प्रोत्साहन होगा। आयुष रिसर्च एंड डेवलपमेंट से रोजगार सृजन, स्किल डेवलपमेंट, मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।
ये लोग रहे मौजूद
आईएमए से डॉ. विमल भारद्वाज, आईसीएआई से सीए मनोज मंगल, सीए प्रकाश चंद्र, सीए पवन अग्रवाल, लघु उद्योग भारती से विशाल अरोरा, निशांत अग्रवाल, बरेली कॉलेज से प्रो. शिखा, रुहेलखंड विवि से प्रो. अजीत सिंह, व्यापारियों में अनिल अग्रवाल, असीम जौहरी, संजय सिंह, विकास अग्रवाल, रचित अग्रवाल, अजय गुप्ता, सत्यपाल गंगवार, रिशभ अग्रवाल, अनुज गुप्ता, सूरज, यश शर्मा, रजत अग्रवाल, रोहित भसीन, अंकुर किशोर, राजेश जसोरिया, सुरेंद्र रस्तोगी, मोहित पांडेय, विजय श्रीवास्तव, विशाल मेहरोत्रा, अनिल पाटिल, अमरजीत बक्शी, मनोज अरोड़ा, शोभित सक्सेना, सर्जराव पाटिल, युवाओं में एनएसएस से मोहित शर्मा, दीपांशु दीप मौजूद रहे।
एनएसएस वॉलंटियर मुस्कान यादव ने कहा कि नारी सशक्तिकरण के लिए शी मार्ट और छात्राओं के लिए छात्रावास बनाए जाने की योजना सराहनीय है। इससे दूरदराज की छात्राओं को अध्ययन के लिए काफी राहत मिलेगी।
आईएमए के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. सुदीप सरन ने कहा कि करीब तीन फीसदी आबादी डायबिटीज की चपेट में है। जिन्हें नियमित दवा लेनी पड़ती है। कैंसर के महंगे इलाज पर सस्ती दवा होने से आर्थिक राहत मिलेगी।
