{"_id":"69d104d0f7ec7e2de50c6425","slug":"life-imprisonment-for-man-who-entered-house-and-killed-youth-in-budaun-2026-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: घर में घुसकर युवक की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने अर्थदंड भी लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: घर में घुसकर युवक की हत्या करने के दोषी को उम्रकैद, कोर्ट ने अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 04 Apr 2026 06:02 PM IST
विज्ञापन
सार
बदायूं में युवक की हत्या करने वाले दोषी शाहिद को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन
विस्तार
बदायूं जिले में वर्ष 2019 में घर में घुसकर युवक की हत्या किए जाने के मामले में कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कक्ष की न्यायाधीश रिंकू ने आरोपी शाहिद को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद के साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आदेश में कहा गया है कि यदि दोषी शाहिद जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
Trending Videos
यह मामला थाना बिसौली क्षेत्र का है, जहां पांच फरवरी 2019 को फारूक नाम के युवक की घर के अंदर घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वादी मालियान निवासी मोहम्मद मियां ने थाने में तहरीर देकर घटना की जानकारी दी थी। वादी के अनुसार, उनके भाई का पहले ही निधन हो चुका था और उनका भतीजा फारूक पुत्र तौफीक अपनी मां के साथ घर में रहता था। घटना वाले दिन सुबह करीब नौ बजे जब वह घर पहुंचे तो घर के दरवाजे खुले हुए थे। अंदर जाकर देखा तो फारूक मृत अवस्था में पड़ा था और उसके सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया था आरोपी का नाम
उन्होंने पुलिस को बताया कि मृतक या उसके परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और साक्ष्य जुटाए। विवेचना के दौरान आरोपी शाहिद का नाम प्रकाश में आया, जिसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पत्रावली में उपलब्ध सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलों का गहनता से परीक्षण किया। लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि आरोपी शाहिद ही हत्या का दोषी है। इसके बाद न्यायालय ने उसे दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।