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LPG Update: बरेली के परसाखेड़ा बॉटलिंग प्लांट पर भी कतार, ट्रकों को 48 घंटे बाद मिले रहे गैस सिलिंडर

अजीत प्रताप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sat, 11 Apr 2026 11:39 AM IST
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सार

बरेली के परसाखेड़ा स्थित भारत एलपीजी बॉटलिंग प्लांट के बाहर ट्रकों की कतार लग रही है। यहां 48 घंटे बाद ट्रकों में सिलिंडर लोड हो रहे हैं। इस इंतजार से चालक परेशान हैं। वहीं बॉटलिंग प्लांट के बाहर ट्रकों की कतार एलपीजी की उपलब्धों को लेकर किए जा रहे दावों की भी पोल खोल रही है। 

LPG Gas Agencies Receiving Supplies from Parsakhera Bottling Plant After 48 Hours
बॉटलिंग प्लांट के बाहर लगी ट्रकों की कतार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बरेली में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की उपलब्धता के दावे परसाखेड़ा स्थित बॉटलिंग प्लांट पर दम तोड़ रहे हैं। लोड के लिए पहुंचने वाले ट्रकों को 48 घंटे से ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। एक ट्रक में दो-तीन एजेंसियों का कोटा लोड होने से चालक भी परेशान हो रहे हैं।

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अमर उजाला की टीम ने परसाखेड़ा स्थित भारत एलपीजी बॉटलिंग प्लांट का जायजा लिया। बाहर ट्रकों की लंबी कतार लगी मिली। ट्रक चालकों से बातचीत की गई तो उन्होंने पहचान उजागर होने पर प्लांट प्रबंधन की ओर से लोड काट देने की आशंका जताई गई। नाम और फोटो प्रकाशित न करने की शर्त पर एक ट्रक चालक ने बताया कि तीन दिन इंतजार के बाद शाहजहांपुर खुदागंज के बरकती और खरसारी गैस एजेंसियों के सिलिंडर मिले। एक चालक ने कहा कि तीन दिन पूर्व लखीमपुर खीरी की जनसेवा और भगवान गैस एजेंसी के कुल 370 सिलिंडर मिले थे। अब फिर आए हैं।
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ट्रक चालकों के मुताबिक, एक साथ दो-दो एजेंसियों का लोड मिलने से सिलिंडर बार-बार चढ़ाने और उतारने में काफी वक्त लगता है। किराया प्रति सिलिंडर प्रति किलोमीटर के अनुसार मिलता है। अगर लखीमपुर खीरी का लोड है और बरेली का भी है तो उन्हें कोई लाभ नहीं मिल रहा है।

कैप्सूल समय से नहीं पहुंचे, शाम को रोक दिया गया प्लांट
प्लांट का संचालन रात दस बजे तक होता है, लेकिन शुक्रवार को शाम पांच बजे ही उसका संचालन रोक दिया गया। सूचना मिली की गैस लेकर आने वाले कैप्सूल समय से नहीं पहुंचने की वजह से कार्य प्रभावित हुआ। हालांकि, टेरिटरी मैनेजर अजित ने तकनीकी कारणों से संचालन प्रभावित होने की बात कही। ट्रक में देर से और शेयरिंग लोड के मामले पर जवाब देने से इन्कार कर दिया।

जानिए, कहां से आते हैं सिलिंडर
भारत गैस का बॉटलिंग प्लांट परसाखेड़ा में है। यहां से बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, रामपुर, सीतापुर समेत उत्तराखंड के कई जिलों को भी सिलिंडर की आपूर्ति की जाती है। बताते हैं कि वर्तमान स्थिति में सिलिंडर आपूर्ति के क्षेत्र में बदलाव मुमकिन है। इंडेन गैस के सिलिंडरों की सप्लाई शाहजहांपुर स्थित प्लांट समेत सितारगंज से भी होती है। एचपी गैस के सिलिंडर गाजियाबाद के लोनी से आते हैं।

29 अप्रैल को बेटी की शादी, सिलिंडर के लिए भटक रहे परिजन
शाही क्षेत्र के कुलछा गौटिया निवासी सोमपाल राजपूत की बेटी संगीता का वैवाहिक समारोह 29 अप्रैल को होना है। सिलिंडर की जरूरत पर वह अपनी और पड़ोसियों की किताब लेकर विमला भारत गैस एजेंसी पहुंचे तो पता चला कि उन्होंने पिछले माह सिलिंडर बुक किए थे। अगली बुकिंग मई में होगी। जबकि, उन्होंने छह माह से सिलिंडर लिए ही नहीं। पिता ने प्रशासन से सिलिंडर दिलाने की मांग की है। 

जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि एलपीजी सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। प्लांट संचालन बंद होने की सूचना पर प्रबंधन से पता किया तो उन्होंने कैप्सूल समय से न पहुंचने से कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी थी। देर रात कैप्सूल आ गए। वैवाहिक आयोजन के लिए सिलिंडर की जरूरत है तो क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक या जिला पूर्ति कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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