Bareilly News: कोहाड़ापीर में 400 भवनों पर लगाए गए लाल निशान, नगर निगम की कार्रवाई से लोगों में खलबली
बरेली में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई जारी है। नगर निगम की टीम ने कोहाड़ीपार में चार सौ भवनों पर लाल निशान लगाया है। नगर आयुक्त का कहना है कि चिह्नित भवनों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़कों के चौड़ीकरण के लिए कोहाड़ापीर में अतिक्रमण को चिह्नित करने के लिए नगर निगम का अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। टीम ने करीब 400 भवनों पर लाल निशान लगाए। इस दौरान लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने बीडीए (बरेली विकास प्राधिकरण) से दुकान व मकान खरीदा था। इसके बावजूद उसे अतिक्रमण के दायरे में बताकर निशान लगाए जा रहे हैं।
नगर निगम की टीम ने मंगलवार को कोहाड़ापीर से लल्ला मार्केट तक जेसीबी से अतिक्रमण हटाया था। बृहस्पतिवार को टीम कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से कुदेशिया फाटक तक अतिक्रमण चिह्नित करने पहुंची थी। स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से टीम को लौटना पड़ा था। शुक्रवार को भी टीम कोहाड़ापीर पहुंची। एमबी इंटर कॉलेज से कृष्णकुंज तक लाल निशान लगाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाएं तरफ 10 तो दाएं तरफ 15.6 फुट पर निशान लगाए जा रहे हैं। दुकान व मकान टूटने के बाद लोगों के चेहरे पर बेबसी देखी गई। कुछ लोग खुद ही अपना घर तोड़ते नजर आए तो कुछ पूर्व में तोड़े गए मकान का मलबा समेटने में जुटे रहे। वहां जाम की स्थिति भी बनी रही।
नागरिकों ने गिनाए नुकसान
अधिवक्ता गीता गुप्ता ने कहा कि मैंने 2005 में डॉ. पूनानी से मकान लिया था और उन्होंने बीडीए से इसे खरीदा था। अब बीडीए के भवन की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। बीना बिग ने कहा कि नीचे 10 फुट दुकान टूटेगी तो ऊपर का आवासीय हिस्सा अपने आप गिर जाएगा। इससे मेरे घर व बैंक का नुकसान होगा। मकान को 1987 में खरीदा था।
कैलाश रानी ने कहा कि मैंने 35 साल पहले बरेली विकास प्राधिकरण से दुकान खरीदी थी। अब दुकान के अंदर 10 फुट पर लाल निशान लगा दिया गया है। अमनदीप सक्सेना ने कहा कि मैंने वर्ष 2020 में दुकान ली थी। अब 10 फुट पर लाल निशान लगने के बाद सिर्फ दो मीटर हिस्सा ही बचेगा। इससे मेरा रेस्टोरेंट बंद हो जाएगा।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि शुक्रवार को 400 भवनों पर लाल निशान लगाए गए हैं। अब उनको नोटिस दिए जाएंगे। जिनके पास भवनों की रजिस्ट्री व अन्य साक्ष्य होंगे, उनको देखा जाएगा। उसके बाद ही बुलडोजर चलाया जाएगा।