Bareilly News: स्मार्ट मीटर में प्रीपेड मोड की झंझट खत्म, अब विद्युत उपभोक्ताओं के लिए खुला है ये विकल्प
बरेली जिले के 5.40 लाख विद्युत उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने घरों में लगने वाले स्मार्ट मीटरों में प्रीपेड मोड की अनिवार्यता को समाप्त कर दी है। अब उपभोक्ता पोस्टपेड का विकल्प भी ले सकते हैं।
विस्तार
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने अब घरों में लगने वाले स्मार्ट मीटरों में प्रीपेड मोड की अनिवार्यता को समाप्त कर दी है। अब यह उपभोक्ताओं की इच्छा पर निर्भर करेगा कि वह अपने कनेक्शन को प्रीपेड रखना चाहते हैं या पोस्टपेड। ऐसे में बरेली जिले में अभी भी करीब 5.40 लाख उपभोक्ताओं के पोस्टपेड का विकल्प खुला हुआ है। हालांकि अधिकारियों के पास इसका कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है।
जिले में कुल 6.75 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। इसमें शहरी क्षेत्र में 2.75 लाख तो ग्रामीण क्षेत्रों में करीब चार लाख उपभोक्ता हैं। जिलेभर में अब तक 1.35 लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं। ऐसे में शेष उपभोक्ताओं के पास अभी भी पूरी तरह से विकल्प खुला है। साथ ही जिनके यहां प्रीपेड मीटर लग चुके हैं वह भी आवेदन करके इसका लाभ ले सकते हैं।
ऐसे में बुधवार को रामपुर बाग स्थित कार्यालय उपभोक्ता पहुंचे। जहां कर्मचारियों ने यह कहकर लौटा दिया कि अभी शासन स्तर से कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। स्मार्ट मीटर प्रीपेड सिस्टम लागू होने के बाद से ही शहर में बिजली बिल व अचानक लाइट कटने से उपभोक्ताओं में आक्रोश है।
बाकरगंज हुसैन बाग की सरताज बी ने बताया कि मेरे घर की लाइट चार माह से स्मार्ट प्रीपेड मीटर निगेटिव होने के कारण बंद हो गई। मैं इतनी सक्षम नहीं हूं कि बिल जमा करके चालू करा सकूं। पति मजदूरी करते हैं। 34 हजार बिल कैसे जमा करूंगी।
विकास नगर शांति विहार निवासी आशा देवी ने कहा कि स्मार्ट मीटर में बिल की समस्या को लेकर आई हूं। मैं मीटर को पोस्टपेड कराना चाहती हूं, जिससे उनकी लाइट न कटे। महीना पूरा होने पर जमा कर देंगी।
जन आदर्श कॉलोनी के सुमित कुमार ने बताया कि प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड कराने के लिए आए हुए हैं। निगेटिव बैलेंस होने पर अचानक से लाइट कट जाती है इस समस्या से परेशान हूं।
बाग बिठ्ठान के राज कुमार ने बताया कि पिछले महीने स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा है। 25 मार्च को 500 रुपये रिचार्ज किया था, जिसका अभी निगेटिव 111 रुपये दिखा रहा है। मैं चाहता हूं कि मीटर पोस्टपेड कर दिया जाए।
वाणिज्यिक अनुभाग प्रथम 35-बी के अंकित गंगवार ने बताया कि अभी जिले स्तर पर प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड कराने का विकल्प का कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। जिन जगहों प्रीपेड मीटर लगा है उसको पोस्टपेड में ट्रांसफर का भी सिस्टम है।