UP News: भाजपा के मंत्रियों के बयानों पर भड़के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी, कहा- मदरसों पर इल्जाम लगाना गलत
बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी, आज उन्हीं को आतंकवादी कहा जा रहा है। यह अफसोसनाक है। मौलाना रजवी ने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे मंत्रियों को किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए और न ही भड़काऊ बयान देना चाहिए।
विस्तार
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, महाराष्ट्र के मंत्री नीतीश राणे और उत्तर प्रदेश के मंत्री रविंद्र जायसवाल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मौलाना ने कहा कि भारत को आजाद कराने में मदरसों से संबंधित उलमा और छात्रों की अहम भूमिका रही थी। इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यही वो लोग हैं जिन्होंने इंकलाब जिंदाबाद के नारे के साथ जंग-ए-आजादी में रूह फूंकी। इन्हीं उलमा ने अंग्रेजों के खिलाफ दिल्ली की जामा मस्जिद से फतवा जारी किया, जिससे आंदोलन में और जोश बढ़ा। अगर मदरसे नहीं होते तो देश इतनी जल्दी आजाद नहीं होता। अफसोस की बात ये है कि आज इन्हीं लोगों को आतंकवादी कहा जा रहा है। मदरसों को बंद करने की बात की जा रही है।
मौलाना ने कहा कि पद पर बैठे हुए लोगों को इंसाफ की बात करना चाहिए, मगर ये लोग समाज को तोड़ने और नफ़रत फैलाने वाली बातें कर रहे हैं, जिससे तनाव फैलता है, फिर वो संप्रदायक रूप ले लेता है। इसलिए संवैधानिक पदों पर बैठे हुए मंत्रियों को किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए। अगर हर व्यक्ति किसी न किसी समुदाय के लोगों को निशाना बनाएगा तो फिर देश में अराजकता फैल जाएगी। इसलिए ऐसे भड़काने और उकसाने वाले बयानों से बचना चाहिए।
यह भी पढ़ें- Shivoham: बरेली में भक्ति और आत्मिक जागरण का उत्सव 'शिवोहम' आज, शहरवासियों को मिलेगा अनोखा अनुभव
आतंकवाद एक बीमारी है, सबको मिलकर लड़ना होगा
शहाबुद्दीन रजवी ने तीनों मंत्रियों से सवाल करते हुए कहा कि गांधी जी, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी आदि की हत्या करने वाला मुसलमान नहीं था। ऐसे ही नेपाल के शाही घराने के पूरे परिवार की हत्या करने वाला भी मुसलमान नहीं था। श्रीलंका के राष्ट्रपति को मारने वाला भी मुसलमान नहीं था। ऐसी सूरत में इन तीनों मंत्रियों का मुसलमानों पर आतंकवादी होने का आरोप लगाना सरासर निराधार है। उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों को मदरसों का इतिहास पढ़ना चाहिए। कहा कि आतंकवाद एक बीमारी है, इससे सबको मिलकर लड़ना होगा।
