UP: 'नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं', मौलाना रजवी ने जारी किया मुस्लिम एजेंडा, कानून बनाने की मांग
बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने बृहस्पतिवार को मुस्लिम एजेंडा जारी किया। जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि नबी की शान में अगर कोई गुस्ताखी करेगा तो हम उसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने इस पर कानून बनाने की मांग उठाई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में उर्स-ए-आला हजरत के मौके पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बृहस्पतिवार को संपन्न हुई। इस बैठक में देश-विदेश के विभिन्न मुस्लिम मसलों पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने की। उन्होंने 'मुस्लिम एजेंडा 2027' जारी किया। इसमें पैगंबर इस्लाम की शान में गुस्ताखी रोकने के लिए कानून बनाने की प्रमुख मांग शामिल है।
मुस्लिम जमात ने उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में 'पैगंबर इस्लाम बिल' पारित कराने के लिए पूरी कुर्बानी देने की बात कही। शहाबुद्दीन रज़वी ने कहा कि नबी की शान में अगर कोई गुस्ताखी करेगा तो हम उसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने राजनीतिक दलों से इस बिल का समर्थन करने का वादा लेने की अपील की। जमात ने ज्ञानवापी, शाही ईदगाह और जामा मस्जिद संभल जैसी मस्जिदों के मुद्दे उठाए। मौलाना ने वक्फ बोर्ड की जमीनों में अरबों रुपये के घोटालों की जांच की मांग भी की। कहा कि वक्फ संपत्ति से होने वाली आय पर गरीब मुसलमानों का हक है।
पैगंबर इस्लाम बिल और मस्जिद मसले उठाए
मौलाना रजवी ने कहा कि पैगंबर इस्लाम की शान में गुस्ताखी करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इसका कारण कानून का अभाव है। उत्तर प्रदेश के पांच करोड़ मुसलमानों ने स्पष्ट किया कि वे इस बिल के अलावा किसी और चीज पर समझौता नहीं करेंगे। आने वाले चुनाव में प्रत्याशियों से इस बिल के समर्थन का वादा लिया जाएगा। जमात ने हिंदू पक्ष से मस्जिदों से जुड़े मामलों के मुकदमे वापस लेने को आग्रह किया।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दे
जमात ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इस्राइल की आक्रामक और दमनकारी कार्रवाई की निंदा की। अरब देशों से भाईचारे के संबंध मजबूत करने और 'मुस्लिम नाटो' के गठन की अपील की गई। मुस्लिम दुनिया से मस्जिद-ए-अक्सा की रक्षा और 'ग्रेटर इस्राइल' के मंसूबे को नाकाम करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया। मुस्लिम समाज को शिक्षा, व्यापार और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई। शादियों में फजूलखर्ची और दहेज प्रथा खत्म करने पर जोर दिया गया। अभिभावकों से बच्चों को नशे, जुए और सूद के कारोबार से बचाने की निगरानी करने को कहा गया।
कई प्रदेशों के मौलाना हुए शामिल
मुस्लिम जमात ने राज्य सरकारों से शरीयत में हस्तक्षेप बंद करने का संदेश दिया। उन्होंने बुलडोजर की कार्रवाई रोकने और मुसलमानों में असुरक्षा की भावना दूर करने की मांग की। बैठक में बिहार, झारखंड, बंगाल, कर्नाटक, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से कई प्रमुख उलमा और दानिश्वर उपस्थित थे। इनमें फूल मुहम्मद, ताहिर हुसैन, अबुल कलाम और रिजवानुल हक जैसे गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। उत्तर प्रदेश से भी कई स्थानीय उलमा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।