मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बोले: जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन पर रोक से खुशी; यूपी सरकार को कहा शुक्रिया
शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई रुकने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 3000 छात्रों के भविष्य व भावनाओं के सम्मान में रोक लगाई है।
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ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी ने जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर पर बुलडोजर कार्रवाई रोक दिए जाने पर खुशी का इजहार किया। उन्होंने कहा, हमने उत्तर प्रदेश की हुकूमत से और रामपुर प्रशासन से पहले ही मांग की थी कि जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर न चलाया जाए। इसलिए कि यह विश्वविद्यालय ऐसे व्यक्ति के नाम पर बना है, जिसने गांधी जी के साथ भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
भारत आजाद होने से पहले जब गोलमेज कांफ्रेंस लंदन में संपन्न होने वाली थी, तो प्रतिनिधित्व करने के लिए गांधी जी ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर को ही भेजा था। लंदन पहुंचकर उन्होंने 24 घंटा भारत के पक्ष में और अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त भाषण दिए, जिसकी वजह से उनके दिमाग की नस फट गई और वहीं वह भारत की आजादी पर कुर्बान हो गए। लेकिन विश्वविद्यालय के संस्थापक सपा नेता आजम खान की गलतियों से जौहर विश्वविद्यालय कानून के कटघरे में खड़ा हो गया और रामपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बुलडोजर चलाई जाने की कार्रवाई का नोटिस जारी कर दिया था।
मगर अभी-अभी यह जानकर बेहद खुशी हुई के उत्तर प्रदेश सरकार ने 3000 छात्रों के भविष्य और मुसलमानों की भावनाओं का आदर व सम्मान करते हुए मुरादाबाद कमिश्नर के द्वारा रोक लगा दी गई है। अब जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर नहीं चलाया जाएगा। मैं उत्तर प्रदेश सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं कि उसने हमारी अपील पर ध्यान दिया और हमारी मांगों को पूरा किया।