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बरेली कॉलेज: एनईपी के नियम ताक पर, बिना तैयारी के नया पेपर देकर कराई मिड टर्म परीक्षा

संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: Mukesh Kumar Updated Thu, 28 May 2026 06:01 PM IST
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सार

बरेली कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नियमों की अनदेखी हुई है। इसके चलते एमए द्वितीय सेमेस्टर के 26 विद्यार्थियों को बिना तैयारी के नए पेपर से मिड टर्म परीक्षा देनी पड़ी।

NEP Norms ignored Mid-Term Exams Conducted with an Unprepared in Bareilly College
अर्थशास्त्र विभाग में मिड टर्म परीक्षा देते विद्यार्थी। - फोटो : संवाद
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विस्तार

बरेली कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। विभाग प्रभारी की गंभीर चूक के कारण एमए द्वितीय सेमेस्टर के 26 विद्यार्थियों को बिना तैयारी के नए पेपर से मिड टर्म परीक्षा देनी पड़ी। इस अव्यवस्था से विद्यार्थियों का भविष्य अधर में है।

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विभाग प्रभारी पूनम रानी ने एमए द्वितीय सेमेस्टर के 26 विद्यार्थियों को पूरे सत्र 'हिस्ट्री ऑफ इकोनॉमिक थॉट' पेपर पढ़ाया। यह पेपर विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो साल पहले ही पाठ्यक्रम से हटा दिया था। 16 मई को इस गलती का पता चलने पर विभाग में खलबली मच गई। अपनी लापरवाही छिपाने के लिए विभाग प्रभारी ने विद्यार्थियों को आनन-फानन  दो नए पेपर आवंटित किए। इनमें 'इकोनॉमिक्स ऑफ एजुकेशन एंड हेल्थ' और 'इंटरनेशनल रीजनल इकोनॉमिक कोऑपरेशन' शामिल थे। 
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11 जून से मुख्य सेमेस्टर परीक्षाएं 
विद्यार्थियों को महज 11 दिन के भीतर नए पेपर की मिड टर्म परीक्षा देने पर मजबूर होना पड़ा। दबाव में 19 विद्यार्थियों ने 'इकोनॉमिक्स ऑफ एजुकेशन एंड हेल्थ' की परीक्षा दी। आगामी 11 जून से मुख्य सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू हो रही हैं, जिससे विद्यार्थियों में मानसिक तनाव है।  

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एनईपी नियमों का खुला उल्लंघन 
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुसार, मुख्य परीक्षाओं से पहले कम से कम 90 दिनों की नियमित कक्षाएं अनिवार्य हैं। बरेली कॉलेज में इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी की गई। विद्यार्थियों को केवल 11 दिन में ही नया पेपर देकर परीक्षा में बिठा दिया गया। बिना तैयारी के परीक्षा देने को मजबूर इन विद्यार्थियों का भविष्य अब असमंजस में है।

विभाग में समन्वय की कमी और अनभिज्ञता
विभाग के भीतर समन्वय की भारी कमी भी सामने आई है। 'इंटरनेशनल रीजनल इकोनॉमिक कोऑपरेशन' पेपर पढ़ाने वाली पूर्व विभाग प्रभारी रीना अग्रवाल को विद्यार्थियों की सूची नहीं मिली है। वर्तमान विभाग प्रभारी ने उन्हें अब तक कोई सूची उपलब्ध नहीं कराई है। कुल 26 पंजीकृत विद्यार्थियों में से सात का विभाग प्रभारी को पता ही नहीं है। वहीं प्राचार्य प्रो. ओपी राय से जब पूछा गया कि एनईपी के नियमों के विरुद्ध परीक्षा कैसे करा दी गई तो उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि विभाग में मिड टर्म परीक्षा भी है।

अर्थशास्त्र विभाग की प्रभारी प्रो. पूनम रानी ने बताया कि मुख्य परीक्षाएं अगले माह में होने के कारण ही विद्यार्थियों की मिड टर्म परीक्षा जल्दी कराई गई है। आगे की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए यह कदम उठाया गया है।

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