शिक्षकों की बढ़ी टेंशन: भीषण गर्मी में गायों के लिए भूसा जुटाने की जिम्मेदारी, बरेली में फरमान जारी
बरेली जिले में प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों को अब भूसा जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे संबंधित आदेश की कॉपी वायरल हो रही है। इस आदेश पर शिक्षक संगठनों ने नाराजगी जताई है।
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बरेली जिले में प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सरकार ने पहले से जनगणना व अन्य कामों में लगा रखा है। अब एक नए आदेश से उनकी मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। इस आदेश की कॉपी वायरल हो रही है, जिससे नई बहस छिड़ गई है।
दरअसल, प्राथमिक शिक्षकों को 46 किलो भूसा जुटाकर ब्लॉक में जमा कराने और उसकी प्राप्ति रसीद अपने अधिकारियों को देने का आदेश जारी किया गया है। इस तरह का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही हैं।
शिक्षक संगठनों ने इसे लेकर नाराजगी जताई है तो शिक्षा विभाग व विकास विभाग आदेश को अलग तरह से प्रचारित करने की बात कह रहे हैं। बीएसए डॉ. विनीता का कहना है कि जिस तरीके से इसका प्रचार किया जा रहा है, वैसी कोई बात नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया गया निर्देश
खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उनके क्षेत्र में जो संपन्न लोग हैं, उन्हें इस बात के लिए प्रोत्साहित करें कि वह अपने क्षेत्र की गोशालाओं में भूसा दान करने या कराने में मदद करें।
हर ब्लॉक में सौ क्विंटल के लिहाज से जिले में करीब 1500 क्विंटल भूसा जुटाकर गोशालाओं में जमा करने का लक्ष्य है। चूंकि भीषण गर्मी का मौसम है और हरे चारे की उपलब्धता कम है तो भूसा जुटाने के लिए इस तरह से सामूहिक सहभागिता का प्रयास किया जा रहा है।