Bareilly News: सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान उर्स-ए-रजवी का आयोजन, पुलिस प्रशासन के लिए होगा चुनौती
बरेली में इस बार सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान उर्स-ए-रजवी का आयोजन भी होगा। दोनों बड़े आयोजन पुलिस प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। एक तरफ सड़कों पर कांवड़ियों के जत्थे होंगे तो दूसरी तरफ उर्स के दौरान शहर में लाखों जायरीन आएंगे।
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बरेली में सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान उर्स-ए-रजवी का आयोजन पुलिस-प्रशासन के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। आला हजरत दरगाह के जिम्मेदारान भी तारीखों को लेकर असमंजस में हैं। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का उर्स सात से नौ अगस्त तक मनाया जाएगा। नौ अगस्त को कुल होगा। इस दिन शहर में जायरीन का जमावड़ा रहेगा। सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को पड़ेगा। इससे पहले नौ अगस्त को कांवड़ियों के जत्थे भी सड़क पर होंगे।
उर्स के दौरान इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान से चौपुला, कुतुबखाना और नावल्टी इलाकों में जायरीन भरे होते हैं। सीबीगंज के मथुरापुर के जामियतुर्रजा में होने वाले कार्यक्रम में भी भीड़ उमड़ती है। उसी दिल्ली हाईवे से कांवड़ यात्राएं भी गुजरती हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
देश-विदेश से आएंगे लाखों जायरीन
हालांकि, इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ उर्स कमेटी के लोगों का मंथन हो चुका है। उर्स में देश-विदेश से आने वाले जायरीन ट्रेन व प्लेन की टिकट बुक कर चुके हैं। विदेशी जायरीन वीजा ले चुके हैं। कई ने बरेली में होटल बुक कर लिए हैं। विभिन्न प्रांतों से आने वाले जायरीन बसें बुक करा चुके हैं। इससे दरगाह के लोग भी असमंजस में हैं।
दरगाह के प्रवक्ता नासिर कुरैशी ने बताया कि दरगाह प्रमुख सुब्हानी मियां और सज्जादानशीन अहसन मियां जायरीन के संपर्क में हैं। पहले भी ऐसे मौके आए जब दोनों धर्मों के त्योहार साथ-साथ हुए हैं।
तारीख तय करने के लिए टीम गठित
108वें उर्स-ए-रजवी की तारीखें निर्धारित करने के लिए उलमा-ए-किराम की एक उच्च स्तरीय टीम बनाई गई है। दरगाह से जुड़े संगठन जमात रजा मुस्तफा के उपाध्यक्ष सलमान हसन खां ने बताया कि इस मामले में दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां और काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी से बात करके टीम का गठन किया गया है।
इसमें मुफ्ती अब्दुल मुस्तफा हश्मती रजवी, अल्लामा आकिल, मुफ्ती शाहिद रजा, मौलाना उबैद उर रहमान, मुफ्ती अख्तर हुसैन अलीमी, मौलाना मोईन, मौलाना मुफ्ती अब्दुल रहीम नश्तर फारूकी, मुफ्ती हनीफ को शामिल किया गया है। मीडिया प्रभारी समरान खान ने बताया कि यह टीम दरगाह आला हजरत बरेली मरकज के जिम्मेदारान को आगामी उर्स-ए-आला हजरत की तारीखों को निर्धारित करने के लिए अपनी तजवीज पेश करेगी।