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UP News: चावल-चीनी की कीमतों में इजाफा, मसालों की महंगाई से बिगड़ा रसोई का बजट; जानें रेट
Sat, 18 Jul 2026 10:39 AM IST
Mukesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: Mukesh Kumar
Updated Sat, 18 Jul 2026 10:39 AM IST
सार
परिवहन खर्च बढ़ने और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण खाद्यान्न और मसालों की कीमतें बढ़ गई हैं। बरेली में चावल, चीनी, खाद्य तेल और मसालों के दाम पांच से 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। मंसूरी चावल 51-52 रुपये और मखाना 1100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
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दुकान पर खरीदारी करती महिला (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
परिवहन खर्च बढ़ने का असर अब रसोई पर दिखाई देने लगा है। बरेली में थोक और फुटकर बाजार में चावल, चीनी, खाद्य तेल और मसालों के दामों में पांच से 10 रुपये तक की तेजी आई है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने का असर भी दिख रहा है।
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मंसूरी चावल, जो कुछ समय पहले 41-42 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 51-52 रुपये पहुंच गया है। 1121 पौना चावल 58 रुपये से 65 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। उपज प्रभावित होने से मखाना 850-900 रुपये से बढ़कर 1100 रुपये प्रति किलो पहुंचा है। मसालों में तेज उछाल ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
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चीनी भी हुई महंगी
साबुत मिर्च, धनिया और हल्दी की कीमतों में खासी बढ़त है। चीनी तीन रुपये प्रति किलो महंगी हुई है, सरसों और रिफाइंड की कीमतों में भी उछाल है। हालांकि, मूंग और अरहर दाल की कीमतों में नरमी भी आई है।
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श्यामगंज के किराना कारोबारी हार्दिक अरोरा के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से माल पहले की तुलना में अधिक लागत पर बाजार तक पहुंच रहा है। इससे सीधा असर खुदरा कीमतों पर पड़ा है। कीमतों में आई बढ़त से खरीदार भी असमंजस में हैं।
कच्चे माल की कमी से साबुन का घट रहा वजन
कारोबारी गिरीश अग्रवाल के मुताबिक साबुन बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की आपूर्ति पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से प्रभावित हुई है। कच्चा माल पहले की तुलना में तीन से चार गुना महंगा मिल रहा है। निर्माण के बाद पैकेजिंग की महंगाई का असर साबुन, नमकीन, बेकरी के उत्पादों पर भी पड़ा है।
ऐसे बढ़ा महंगाई का मीटर
(नोट: कीमतें श्यामगंज बाजार के अनुसार)
कारोबारी गिरीश अग्रवाल के मुताबिक साबुन बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की आपूर्ति पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से प्रभावित हुई है। कच्चा माल पहले की तुलना में तीन से चार गुना महंगा मिल रहा है। निर्माण के बाद पैकेजिंग की महंगाई का असर साबुन, नमकीन, बेकरी के उत्पादों पर भी पड़ा है।
ऐसे बढ़ा महंगाई का मीटर
| वस्तु | पहले का भाव | वर्तमान भाव |
| मंसूरी चावल | 41-42 | 51-52 |
| 1121 चावल | 58-60 | 65-70 |
| मखाना | 850-900 | 1100-1200 |
| मूंग दाल | 114 | 108 |
| अरहर दाल | 125-130 | 118-120 |
| साबुत मिर्च | 280 | 320 |
| धनिया | 180 | 260 |
| हल्दी | 150-160 | 190-200 |
| चीनी | 45 | 48 |
(नोट: कीमतें श्यामगंज बाजार के अनुसार)