बरेली में सात लाख मतदाताओं के नाम कटे: राजनीतिक समीकरण बिगड़ने का डर, सियासी गणित लगाने में जुटे नेता
बरेली जिले के नौ विधानसभा क्षेत्रों में 166 दिन तक चले एसआईआर अभियान में 7.14 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से संभावित प्रत्याशियों को राजनीतिक समीकरण बिगड़ने का डर सताने लगा है।
विस्तार
बरेली जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटने के बाद राजनीतिक दलों के संभावित प्रत्याशियों की धड़कन बढ़ गई है। बरेली के सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में हुआ यह बदलाव चुनाव में जातिगत संतुलन और वोटों के ध्रुवीकरण के गणित को प्रभावित कर सकता है।
बरेली शहर, कैंट, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, आंवला, मीरगंज और बहेड़ी विधानसभा क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के नाम सूची से हटे हैं। इनमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मतदाता शामिल हैं। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। किस वर्ग और जातीय समूह के मतदाता ज्यादा प्रभावित हुए हैं, यह चिंता हर राजनीतिक दल को है। अगर किसी एक वर्ग के नाम अपेक्षाकृत ज्यादा घटे तो इससे कई सीटों पर परंपरागत वोट बैंक कमजोर पड़ सकते हैं। यही स्थिति नए ध्रुवीकरण की वजह भी बन सकती है। लिहाजा, प्रत्येक सीट पर अब नए सिरे से मंथन जरूरी है।
इसके अलावा कई सीटों पर उम्मीदवारों के चयन, प्रचार की दिशा और मुद्दों की प्राथमिकता तक बदल सकती है। हालांकि, सबकी नजर इस बात पर भी टिकी है कि कितने मतदाता छूटे हैं और सूची में शामिल होने से वे कारगर साबित होंगे या नहीं। बहरहाल, मुद्दा केंद्रीय चर्चा का विषय है।
सपा का आरोप: बड़ी संख्या में लोगों का वोट ही नहीं बन पाया
सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची से 4,56,833 लोगों के नाम हटे हैं। प्राप्त सूची से बुधवार समीक्षा शुरू कर दी है। सेक्टर प्रभारी, बीएलए से सूचना मिली है कि जरूरी कागजात होने के बावजूद कई लोगों के नाम सूची से हट गए हैं। ऐसी स्थिति में मतदाता सूची का गहनता से परीक्षण कर आपत्ति दर्ज कराएंगे।
संबंधित खबर- SIR: बरेली में सात लाख नाम मतदाता सूची से बाहर, 2.57 लाख जोड़े गए; इस विधानसभा क्षेत्र में कटे सर्वाधिक नाम
बसपा जिलाध्यक्ष ने बीएलओ की लापरवाही बताई
बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. जयपाल सिंह ने कहा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद काफी संख्या में लोगों के वोट नहीं बन पाए हैं। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही बीएलओ की है, जिनकी कमी से वोट नहीं बन पाए। सरकार का बीएलओ के ऊपर अधिक दबाव होना चाहिए था जो नहीं हो पाया। यह सरकार की कमी दर्शाती है।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- किसी का नाम छूटा है तो विकल्प है
भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा ने कहा कि एसआईआर के तहत वैध मतदाताओं की सूची तैयार करने के लिए निर्वाचन आयोग और अधीनस्थ कर्मचारियों ने अथक मेहनत की है। अगर किसी का नाम छूट गया है या संशोधित होना है तो उसका विकल्प भी है। सूची के अवलोकन के बाद छूटे हुए मतदाताओं का नाम भी सूची में शामिल कराया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष मोहम्मद हैदर ने बताया कि प्रदेश में 80 से 90 लाख वोट बढ़े हैं। इसी तरह भाजपा ने दिल्ली के लोकसभा के चुनाव में किया था और इसे जीता था। हम लोग इसका अध्ययन कर रहे हैं कि इस बार वोट कहां से बढ़े हैं और कहां से कटे हैं। आम आदमी पार्टी इसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर रही है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि कम समय में सर्वे की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। छोटी-छोटी कमियों के कारण लोगों के नाम काट दिए गए। अब उनसे तरह-तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं। यही कारण है कि हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों की संख्या में वोटर कम हो गए। इसके अध्ययन के बाद जरूरी हुआ तो आंदोलन करेंगे।
जनपद की सभी नौ विधानसभा सीटों पर कुल मतदाताओं की संख्या 29,48,987 हो गई है। इसमें पुरुष मतदाता 16,09,318 और महिला मतदाताओं की संख्या 13,39,606 है। विधानसभावार मतदाताओं की संख्या की बात करें तो बरेली में 351057 कुल मतदाता हैं। इसमें पुरुष 187426 और महिलाएं 163616 हैं। थर्ड जेंडर 15 हैं।
बरेली कैंट में कुल मतदाताओं की संख्या 283524 दर्ज की गई है। इसमें पुरुष 149275 और महिलाएं 134237 हैं। थर्ड जेंडर 12 हैं। बहेड़ी में 341182 इसमें 187283 पुरुष और 153895 महिला मतदाता हैं। थर्ड जेंडर चार हैं। मीरगंज में 323007 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसमें पुरुष 177630 और महिला मतदाता 145373 हैं। थर्ड जेंडर चार हैं।
भोजीपुरा में 363479 मतदाता हैं। इसमें 198410 पुरुष और 165066 महिला मतदाता हैं। थर्ड जेंडर तीन हैं। नवाबगंज में 316495 कुल मतदाताओं में पुरुष 174289 और महिलाएं 142195 हैं। थर्ड जेंडर 11 हैं। फरीदपुर में 302887 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इसमें 168660 पुरुप और 134225 महिला मतदाता हैं। थर्ड जेंडर दो हैं। बिथरी चैनपुर में 370974 तो आंवला में 296382 वोटर दर्ज हुए हैं।