UP: बरेली में 12 गांवों की जमीन पर विकसित होंगी दो नई टाउनशिप, बीडीए को मिले 150 करोड़ रुपये
बरेली में दो नई टाउनशिप विकसित की जाएंगी। इसके लिए शासन ने बीडीए को 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। बीडीए चिह्नित गांवों में सर्वे और भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को अंतिम रूप देने में जुटा है।
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मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार ने प्रदेश के आठ शहरों को 425 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने का निर्णय लिया है। इसमें बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को दो नई टाउनशिप विकसित करने के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस बजट से प्राधिकरण शहर के निकटवर्ती 12 गांवों की भूमि लेकर आवासीय परियोजनाएं विकसित करेगा। इससे शहरवासियों को आवास आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
बजट आवंटन के बाद अब बरेली विकास प्राधिकरण इन दोनों टाउनशिप के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करेगा। योजना के तहत आसपुर खूबचंद, अडूपुरा जागीर, अहिलादपुर, बरकापुर, कुम्हरा, कलापुर, मोहरनियां, नवदिया कुर्मियान और हरहरपुर गांवों की भूमि ली जानी है। शासन से प्राधिकरण को यह धनराशि अधिकतम 20 साल के लिए दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आवासीय परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाने में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर करना है।
इन टाउनशिप के विकसित होने से न केवल शहर का दायरा बढ़ेगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय विकल्प भी उपलब्ध होंगे। शहर को मिला भारी-भरकम बजट शहर के बढ़ते औद्योगिक और आवासीय महत्व को बताता है। बीडीए अब इन चिह्नित गांवों में सर्वे और भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई को अंतिम रूप देने में जुट गया है, ताकि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस योजना को धरातल पर उतारा जा सके।
बीडीए ने भूखंडों की नीलामी से कमाए 140 करोड़
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने रामगंगा नगर आवासीय योजना और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना के विभिन्न सेक्टरों में स्थित व्यावसायिक भूखंडों की नीलामी कर करीब 140 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है। यह नीलामी 23 मार्च को प्राधिकरण के नवीन कार्यालय भवन में आयोजित शिविर के दौरान संपन्न हुई।
बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए में बताया कि बीडीए की ओर से रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजनाओं के सफल विकास के बाद अब शहर और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए नई टाउनशिप योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। यह नई योजना दिल्ली-लखनऊ बड़ा बाइपास और पीलीभीत बाइपास मार्ग पर लगभग 267 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी।
शिविर में विभिन्न श्रेणी और क्षेत्रफल के रिक्त भूखंडों का आवंटन किया गया। यहां सचिव वंदिता श्रीवास्तव, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी शिवधनी सिंह यादव, विशेष कार्याधिकारी नीलम श्रीवास्तव, अजीत कुमार और अधिशासी अभियंता एपीएन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।