UP Budget 2026: बरेली के लिए नई घोषणा नहीं, बजट से पुरानी परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार
प्रदेश सरकार ने बजट में इस बार बरेली के लिए कोई विशेष घोषणा नहीं की है, हालांकि शहरी विकास पर खासा जोर दिया गया है। इससे शहर में चल रही पुरानी परियोजनाओं के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
प्रदेश सरकार की ओर से बजट में बरेली के लिए कोई नई घोषणा नहीं की गई, लेकिन इन्फ्रास्ट्रक्चर मद में किए गए भारी-भरकम आवंटन से नाथ कॉरिडोर, सीएम ग्रिड योजना सहित अन्य विकास के कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। नगर निगम व विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने भी इसी मद से बरेली की झोली भरने की उम्मीद जताई है।
प्रदेश सरकार ने बजट का एक चौथाई हिस्सा शहरों को निर्माण कार्य के लिए दिया है। शहरवासियों को उम्मीद थी कि बजट में अलग से कोई प्रावधान किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। नाथ कॉरिडोर परियोजना के तहत नाथ मंदिरों को सजाने, संवारने और आपस में जोड़ने का काम किया जा रहा है।
सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है नाथ कॉरिडोर
नाथ कॉरिडोर सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट भी है। इसके तहत शहर के सात प्राचीन शिव मंदिरों (अलखनाथ, त्रिवटीनाथ, वनखंडीनाथ, धोपेश्वरनाथ, मढ़ीनाथ, तपेश्वरनाथ, पशुपतिनाथ) को जोड़कर एक धार्मिक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है।
231 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों के चौड़ीकरण, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था, फोकस वॉल, आरती स्थल समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। कुछ माह पहले शासन को नाथ कॉरिडोर के तहत होने वाले काम के लिए 150 करोड़ रुपये की डीपीआर बना कर भेजी गई थी। इसमें से केवल 50 करोड़ रुपये जारी हुए थे। अब बजट के बाद फिर रकम जारी होने की उम्मीद है।
सीएम ग्रिड के काम में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना के तहत शहर में सड़कों के चौड़ीकरण के लिए बजट मिलने की आस है। इस योजना के तहत डीडीपुरम, प्रेमनगर व राजेंद्रनगर में काम चल रहा है। बीडीए व नगर निगम शहर की कई सड़कों के चौड़ीकरण पर काम कर रहे हैं। बैरियर टू से बड़ा बाइपास तक काम शुरू हो गया है। मिनी बाइपास से झुमका तिराहे तक रोड का चौड़ीकरण होना है। अगर इन सभी सड़कों के लिए बजट मिलता है तो इससे शहरवासियों को काफी राहत मिलेगी।
डेयरी हब बनेगा बरेली
बजट में महिला सामर्थ्य योजना के तहत मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी के विकास की घोषणा से बरेली की श्रीजनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के संचालन में तेजी आएगी। जिले के हजारों परिवार डेयरी से जुड़े हैं। पशुपालकों की मेहनत को निजी डेयरी और बिचौलिये हजम कर रहे हैं। इस कंपनी से दूध संग्रह, फैट जांच, भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी होगी। दूध सीधे चिलिंग सेंटर पहुंचेगा और प्रसंस्करण से दही, पनीर, मक्खन आदि दुग्ध के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार होंगे। भुगतान सीधे खातों में पहुंचने की उम्मीद है।
त्वरित आर्थिक विकास योजना में तीन साल से बजट का सूखा
त्वरित आर्थिक विकास योजना में तीन साल से बजट का सूखा है। इस योजना में जिले के विधायकों, एमएलसी से उनके क्षेत्र के लिए तीन-तीन करोड़ तक के विकास कार्यों के प्रस्ताव मांगे जाते हैं। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय से प्रस्ताव शासन को भेजे जाते हैं। मंजूरी मिलने पर काम कराया जाता है। योजना के तहत वर्ष 2023-24, 2024-25 व 2025-26 में प्रस्ताव तो भेजे गए, लेकिन बजट नहीं मिला। इससे विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने बताया कि इस योजना के तहत प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं, लेकिन बजट नहीं मिल रहा है। इस साल बजट आने की उम्मीद है। बहेड़ी विधायक अताउर रहमान ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की तरफ से प्रस्ताव जिलाधिकारी को दिए जाते हैं। जब से यह सरकार आई है, शायद ही किसी साल बजट प्राप्त हुआ हो। इससे क्षेत्र में सड़क, खड़ंजा व नालों का कार्य नहीं हो पा रहा है।
सीडीओ देवयानी ने बताया कि त्वरित आर्थिक विकास मद में विधायकों व एमएलसी से उनके क्षेत्र में नाली, खड़जा व सीसी रोड आदि से जुड़े प्रस्ताव लिए जाते हैं। बजट के बारे में कुछ कह नहीं सकती।
