बरेली में तेज हवा के साथ बारिश: सड़कों पर जलभराव, शहर से देहात तक बिजली गुल; तापमान सात डिग्री तक गिरा
बरेली में सोमवार सुबह मानसून जैसी बारिश से पूरा जिला तरबतर हो गया। तेज हवा के साथ करीब चार घंटे तक तेज बारिश हुई। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटे में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उधर, आंधी-बारिश के चलते जिले में बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई।
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पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण सोमवार सुबह बरेली जिले में तेज हवा के साथ चार घंटे तक भारी बारिश हुई। बीते 24 घंटे में 55 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और सड़कों पर जलभराव हो गया। इस बारिश से न्यूनतम तापमान में सात डिग्री की गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।
बारिश तड़के चार बजे शुरू हुई और करीब चार घंटे तक होती रही। इसके बाद दोपहर में धूप खिल गई। बताया जा रहा है कि मई में एक दिन में इतनी बारिश पहली बार हुई है। न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 16.9 डिग्री पर आ गया, जिससे वातावरण में ठंडक महसूस हुई। बारिश से पहले रात में तेज आंधी चली, जिससे जिले में कई जगहों पर पेड़ गिर गए। स्कूल जाने वाले बच्चों को बारिश में भीगते हुए स्कूल पहुंचने में दिक्कत हुई।
शहर के नाले उफना गए और मॉडल टाउन, हाजियापुर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे आवागमन बाधित हुआ। शीशगढ़ कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर के मुख्य मार्ग और शाही की ग्राम पंचायत नारा फरीदपुर के मजरा केरा की गोटिया में भी जलभराव हुआ, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया।
बिजली व्यवस्था चरमराई
आंधी-बारिश के कारण बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। रविवार आधी रात के बाद कई इलाकों में बिजली गुल हो गई, जो सोमवार दोपहर तक बहाल नहीं हो सकी। ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई। शाही के कुड़कानरगिया फीडर की हाईटेंशन लाइन टूट गई, जिससे कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रिठौरा सबस्टेशन से जुड़े 70 से ज्यादा गांवों में भी बिजली गुल रही।
आगे भी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने बताया है कि सप्ताहभर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा। इस दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। अप्रैल में बरेली का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जिससे अब लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली है।