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Basti News: ग्राम पंचायतों में डिजिटली सहेजी जाएंगी विरासतें
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बस्ती। गणतंत्र दिवस से पहले जिले की सभी ग्राम पंचायतों की मूर्त व अमूर्त सांस्कृतिक विरासत व धरोहरों की पहचान की जाएगी। इसके लिए दक्ष कर्मचारियों के माध्यम से गांव-गांव सर्वे करके सत्यापन व दस्तावेजीकरण किया जा रहा है। विशेष धरोहरों वाले गांवों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिल सकेगी।
जिले में कुल 1187 ग्राम पंचायतें हैं। नाम व धरोहर ही पंचायतों की पहचान है। अलग-अलग मौके पर मान्यता व विरासत के तौर पर ग्रामीण इसे संजोते आ रहे हैं। मगर कोई प्रामाणिक दस्तावेज न होने से तमाम विरासतें पहचान खो रही हैं। ऐसे में नई पीढ़ी इनसे अनजान रहती है। अधिकारियों का कहना है कि गांवों की विरासत व धरोहरों की पहचान बनी रहे। इसके लिए पंचायतीराज व सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से मेरा गांव मेरी धरोहर थीम पर पहल शुरू की गई है।
इसके तहत 24 जनवरी तक गांव-गांव विरासत व धरोहर की पहचान के लिए राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण किया गया। दक्ष कर्मचारियों की टीम से पहचान के साथ ही सत्यापन व दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करके 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन मेरा गांव मेरी धरोहर के लिए विशेष ग्राम सभा के लिए सभासार आयोजित होंगी, उसी दिन से यह प्रारंभ हो जाएगा। इससे लुप्त हो रही धरोहरों को न सिर्फ पहचान मिलेगी बल्कि विकास का रास्ता भी खुलेगा।
डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी गांव की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर की जानकारी तुरंत हासिल हो जाएगी। ग्राम सभा के अभिलेखों को डिजिटल रूप से बेहतर बनाने के लिए सभासार एआई आधारित पोर्टल के उपयोग के लिए सभी गांवों के पंचायत सचिवों और ग्राम पंचायत अधिकारियों व बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।
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जिले में कुल 1187 ग्राम पंचायतें हैं। नाम व धरोहर ही पंचायतों की पहचान है। अलग-अलग मौके पर मान्यता व विरासत के तौर पर ग्रामीण इसे संजोते आ रहे हैं। मगर कोई प्रामाणिक दस्तावेज न होने से तमाम विरासतें पहचान खो रही हैं। ऐसे में नई पीढ़ी इनसे अनजान रहती है। अधिकारियों का कहना है कि गांवों की विरासत व धरोहरों की पहचान बनी रहे। इसके लिए पंचायतीराज व सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से मेरा गांव मेरी धरोहर थीम पर पहल शुरू की गई है।
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इसके तहत 24 जनवरी तक गांव-गांव विरासत व धरोहर की पहचान के लिए राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण किया गया। दक्ष कर्मचारियों की टीम से पहचान के साथ ही सत्यापन व दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूरी करके 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के दिन मेरा गांव मेरी धरोहर के लिए विशेष ग्राम सभा के लिए सभासार आयोजित होंगी, उसी दिन से यह प्रारंभ हो जाएगा। इससे लुप्त हो रही धरोहरों को न सिर्फ पहचान मिलेगी बल्कि विकास का रास्ता भी खुलेगा।
डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी गांव की सांस्कृतिक विरासत व धरोहर की जानकारी तुरंत हासिल हो जाएगी। ग्राम सभा के अभिलेखों को डिजिटल रूप से बेहतर बनाने के लिए सभासार एआई आधारित पोर्टल के उपयोग के लिए सभी गांवों के पंचायत सचिवों और ग्राम पंचायत अधिकारियों व बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं।
