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Basti News: पड़ोसी जनपदों के तस्कर चला रहे संगठित गिरोह
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बस्ती। पशु तस्कर एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। फिर भी पुलिस पकड़ नहीं पा रही, जबकि पशु तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए थानों की पुलिस के अलावा एसओजी, क्राइम ब्रांच आदि टीमें लगाई गई हैं।
सूत्र बताते हैं कि जिले में पड़ोसी जनपदों के शातिर सक्रिय हैं। पुलिस को चकमा देने के लिए वे दूसरे जिले की गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं, ताकि पुलिस से सामना होने पर यदि भागने में कामयाब हो जाएं तो पुलिस जल्द उन तक पहुंच न सके।
कुछ दिनों तक रुक रही पशु चोरी की घटना फिर होने लगी है। बृहस्पतिवार की रात कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खोभा गांव निवासी जोखू की दो भैंस खोलकर पशु तस्कर पिकअप पर लादने की फिराक में थे। इसी बीच जोखू की पत्नी सुमित्रा की नींद टूट गई। उसके शोर मचाने पर तस्कर भाग गए थे। तस्करों की सक्रियता से ग्रामीण भयभीत हैं। राम मूरत, जवाहिर लाल, पंकज ने बताया बलुआ के रास्ते तस्कर आए थे। इसके पहले भी पशु तस्कर गांव के लल्लन प्रसाद के मवेशी को चुरा ले गए थे।
उधर, 21 दिन पहले पैकोलिया थाना क्षेत्र में पशु तस्करों की पिकअप पटल गई थी। इसके बाद पशु लदे पिकअप को छोड़कर तस्कर भाग गए थे। पिकअप पर आंबेडकर नगर जिले का नंबर था। जांच में पुलिस ने यह पता लगा लिया है कि पिकअप का मालिक कौन है।
सूत्र बताते हैं कि मालिक से पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि उसने पिकअप को किराये पर दे रखा है। इनी जानकारी एकत्र करने के बाद भी पुलिस पशु तस्करों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
सूत्र बताते हैं कि जिले में आंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, संतकबीरनगर, गोंडा, कुशीनगर के अलावा पश्चिमी यूपी के तस्करों ने नेटवर्क फैला रखा है। इनके लिए लोकल एजेंट काम करते हैं। पहले पुलिस को शक था कि पशु तस्करी में बंजारों का भी हाथ हो सकता है। जब पुलिस ने जिले भर में बंजारों के डेरों को खंगाला तो पता चला कि इस समय काफी कम संख्या में बंजारे यहां पर हैं।
कप्तानगंज में पशु चोरी की कोशिश को डीआईजी ने लिया संज्ञान : बृहस्पतिवार की रात में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खोभा गांव दो भैंस चोरी की कोशिश की घटना ने डीआईजी ने संज्ञान में लिया है। डीआईजी संजीय त्यागी ने एसपी के माध्यम से कप्तानगंज पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
इससे कप्तानगंज पुलिस ने हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र पशु तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। पहले भी इस क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।
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सूत्र बताते हैं कि जिले में पड़ोसी जनपदों के शातिर सक्रिय हैं। पुलिस को चकमा देने के लिए वे दूसरे जिले की गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं, ताकि पुलिस से सामना होने पर यदि भागने में कामयाब हो जाएं तो पुलिस जल्द उन तक पहुंच न सके।
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कुछ दिनों तक रुक रही पशु चोरी की घटना फिर होने लगी है। बृहस्पतिवार की रात कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खोभा गांव निवासी जोखू की दो भैंस खोलकर पशु तस्कर पिकअप पर लादने की फिराक में थे। इसी बीच जोखू की पत्नी सुमित्रा की नींद टूट गई। उसके शोर मचाने पर तस्कर भाग गए थे। तस्करों की सक्रियता से ग्रामीण भयभीत हैं। राम मूरत, जवाहिर लाल, पंकज ने बताया बलुआ के रास्ते तस्कर आए थे। इसके पहले भी पशु तस्कर गांव के लल्लन प्रसाद के मवेशी को चुरा ले गए थे।
उधर, 21 दिन पहले पैकोलिया थाना क्षेत्र में पशु तस्करों की पिकअप पटल गई थी। इसके बाद पशु लदे पिकअप को छोड़कर तस्कर भाग गए थे। पिकअप पर आंबेडकर नगर जिले का नंबर था। जांच में पुलिस ने यह पता लगा लिया है कि पिकअप का मालिक कौन है।
सूत्र बताते हैं कि मालिक से पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि उसने पिकअप को किराये पर दे रखा है। इनी जानकारी एकत्र करने के बाद भी पुलिस पशु तस्करों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
सूत्र बताते हैं कि जिले में आंबेडकर नगर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, संतकबीरनगर, गोंडा, कुशीनगर के अलावा पश्चिमी यूपी के तस्करों ने नेटवर्क फैला रखा है। इनके लिए लोकल एजेंट काम करते हैं। पहले पुलिस को शक था कि पशु तस्करी में बंजारों का भी हाथ हो सकता है। जब पुलिस ने जिले भर में बंजारों के डेरों को खंगाला तो पता चला कि इस समय काफी कम संख्या में बंजारे यहां पर हैं।
कप्तानगंज में पशु चोरी की कोशिश को डीआईजी ने लिया संज्ञान : बृहस्पतिवार की रात में कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खोभा गांव दो भैंस चोरी की कोशिश की घटना ने डीआईजी ने संज्ञान में लिया है। डीआईजी संजीय त्यागी ने एसपी के माध्यम से कप्तानगंज पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
इससे कप्तानगंज पुलिस ने हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि कप्तानगंज थाना क्षेत्र पशु तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता है। पहले भी इस क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।
