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Basti News: ईरान-इस्राइल युद्ध का असर, इफ्तार की प्लेट से घटा मेवा
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दुकान पर बिक्री के लिए रखा मेवा। संवाद
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पुरानी बस्ती। इस्राइल-ईरान युद्ध के कारण रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से प्रभावित आवागमन का असर रमजान में इफ्तार की प्लेट पर पड़ रहा है। जल मार्ग में अवरोध के कारण घरेलू गैस व पेट्रोलियम आयात प्रभावित हो रहा। साथ ही मालवाहक जहाजों के फंसने से सूखा मेवा का भाव बढ़ गया है।
रमजान में रोजेदारों के लिए सूखे मेवा का उपयोग बजट से बाहर हो गया। 18 फरवरी से रमजान व रोजे का दौर चल रहा। रोजेदार सूखा मेवा व फलों का उपयोग अधिक करते हैं ताकि भूखे रहने के दौरान सेहत पर कोई असर न पड़े। रमजान के शुरुआती दिनों के सापेक्ष मेवा भाव आसमान पहुंच गया है।
नगर के दक्षिण दरवाजा पर सेंवई व सूखे मेवा की दुकान लगाने वाले मुनीर अंसारी ने बताया कि थोक भाव बढ़ने से फुटकर भी महंगा हुआ है। सर्वाधिक बिकने वाला ईरानी छुहारा 80 से 150 रुपये किलो बिक रहा। कीमिया खजूर 250 रुपये किलो से बढ़कर 320 रुपये किलो हो गया है। ईरान का छुहारा 80 रुपये किलो से बढ़कर 140 रुपये किलो तक पहुंच चुका है।
अधिकतर मेवा खाड़ी देशों के मार्फत जल मार्ग से आता है। ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण होर्मुज का रास्ता प्रभावित है। गिने चुने मालवाहक जहाज ही पहुंच रहे। आपूर्ति घटने के कारण रेट बढ़ाने की मजबूरी है। इसी रूट पर सूखा मेवा बिक्री करने वाले अजीम राइनी ने बताया कि सिर्फ कीमिया खजूर व छुहारा बिक रहा।
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रमजान में रोजेदारों के लिए सूखे मेवा का उपयोग बजट से बाहर हो गया। 18 फरवरी से रमजान व रोजे का दौर चल रहा। रोजेदार सूखा मेवा व फलों का उपयोग अधिक करते हैं ताकि भूखे रहने के दौरान सेहत पर कोई असर न पड़े। रमजान के शुरुआती दिनों के सापेक्ष मेवा भाव आसमान पहुंच गया है।
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नगर के दक्षिण दरवाजा पर सेंवई व सूखे मेवा की दुकान लगाने वाले मुनीर अंसारी ने बताया कि थोक भाव बढ़ने से फुटकर भी महंगा हुआ है। सर्वाधिक बिकने वाला ईरानी छुहारा 80 से 150 रुपये किलो बिक रहा। कीमिया खजूर 250 रुपये किलो से बढ़कर 320 रुपये किलो हो गया है। ईरान का छुहारा 80 रुपये किलो से बढ़कर 140 रुपये किलो तक पहुंच चुका है।
अधिकतर मेवा खाड़ी देशों के मार्फत जल मार्ग से आता है। ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण होर्मुज का रास्ता प्रभावित है। गिने चुने मालवाहक जहाज ही पहुंच रहे। आपूर्ति घटने के कारण रेट बढ़ाने की मजबूरी है। इसी रूट पर सूखा मेवा बिक्री करने वाले अजीम राइनी ने बताया कि सिर्फ कीमिया खजूर व छुहारा बिक रहा।