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Basti News: एमबीबीएस डॉक्टर कर रहे थे सिर की चोट का इलाज, छह दिन बाद महिला की मौत
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बस्ती। शहर के एक निजी अस्पताल में सिर में गंभीर चोट (हेड इंजरी) का उपचार करा रही महिला की शनिवार को मौत हो गई। मामले की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में न्यूरो सर्जन उपलब्ध नहीं था, जबकि गंभीर हेड इंजरी का इलाज किया जा रहा था। सीएमओ ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। पैकोलिया थाना क्षेत्र के महादेवा गांव निवासी लक्ष्मी पत्नी विजय कुमार 26 जुलाई को बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन ने उन्हें शहर के मालवीय रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां छह दिनों से उनका उपचार चल रहा था। शनिवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना मिलने पर सीएमओ कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में पता चला कि संबंधित अस्पताल एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. प्रमोद चौधरी के नाम से 10 बेड के अस्पताल के रूप में पंजीकृत है। अस्पताल में न्यूरो सर्जन की तैनाती नहीं है, जबकि हेड इंजरी जैसे गंभीर मामले का उपचार किया जा रहा था। सीएमओ ने बताया कि महिला का ऑपरेशन किस चिकित्सक ने किया और किस आधार पर उपचार किया गया, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा अस्पताल पहुंचकर अभिलेखों और उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगी। परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी अपने पीछे पति सहित चार बच्चों को छोड़ गई हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में न्यूरो सर्जन उपलब्ध नहीं था, जबकि गंभीर हेड इंजरी का इलाज किया जा रहा था। सीएमओ ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। पैकोलिया थाना क्षेत्र के महादेवा गांव निवासी लक्ष्मी पत्नी विजय कुमार 26 जुलाई को बाइक से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
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हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। परिजन ने उन्हें शहर के मालवीय रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां छह दिनों से उनका उपचार चल रहा था। शनिवार सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। सूचना मिलने पर सीएमओ कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच में पता चला कि संबंधित अस्पताल एमबीबीएस चिकित्सक डॉ. प्रमोद चौधरी के नाम से 10 बेड के अस्पताल के रूप में पंजीकृत है। अस्पताल में न्यूरो सर्जन की तैनाती नहीं है, जबकि हेड इंजरी जैसे गंभीर मामले का उपचार किया जा रहा था। सीएमओ ने बताया कि महिला का ऑपरेशन किस चिकित्सक ने किया और किस आधार पर उपचार किया गया, इसकी भी जांच कराई जाएगी।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम दोबारा अस्पताल पहुंचकर अभिलेखों और उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच करेगी। परिजनों के अनुसार, लक्ष्मी अपने पीछे पति सहित चार बच्चों को छोड़ गई हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।