{"_id":"69d9577cc82437eb0a0464c4","slug":"negligence-in-the-investigation-of-the-childs-death-was-confirmed-but-the-transfer-in-the-name-of-action-was-not-implemented-basti-news-c-207-1-bst1005-156580-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: बच्चे की माैत की जांच में लापरवाही की पुष्टि कार्रवाई के नाम पर तबादला पर अमल नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: बच्चे की माैत की जांच में लापरवाही की पुष्टि कार्रवाई के नाम पर तबादला पर अमल नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। सीएमओ द्वारा कराई गई जांच में दोषी पाई जाने वाली एएनएम का स्थानांतरण आठ दिन पहले हो गया था लेकिन अभी तक उन्होंने अधिकार नहीं छोड़ा है। इससे पीड़ित परेशान होकर फिर से डीएम समेत अन्य अधिकारियों के दरबार में पहुंचा है। पीड़ित ने कहा है कि एकतरफा जांच रिपोर्ट में भी एएनएम पर दोष सिद्ध हो चुका है, मगर अधिकारियों की ढिलाई का वह फायदा उठा रही है।
सीएचसी भानपुर अंतर्गत ग्राम खैरा स्थित उपकेंद्र पर तैनात एएनएम के विरुद्ध गोपाल सिंह लोधी ने मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी, सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा था। आरोप लगाते हुए कहा था कि उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम द्वारा उपचार में भेदभाव किया जाता है। 12 मार्च रात में पत्नी ज्योति को प्रसव पीड़ा होने पर वह उपकेंद्र पहुंचे थे। यहां तैनात एएनएम ने पहले प्रसव कराने के नाम पर धनउगाही की। बाद में नवजात को इंजेक्शन लगाने के नाम पर धन मांगा। गलत इंजेक्शन लगा देने के कारण नवजात की तबीयत और बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
मामले की शिकायत के बाद सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने डीआईओ व डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी द्वारा जांच कराई थी। इसमें शिकायत सही पाए जाने पर और एएनएम पर दोष सिद्ध होने के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन चौधरी की संस्तुति पर उनका स्थानांतरण दो अप्रैल 2026 को सीएचसी विक्रमजोत में कर दिया गया था। इसके बाद भी अभी तक उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
पीड़ित इससे क्षुब्ध होकर दोबारा सीडीओ, सीएमओ व डीएम के यहां पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल प्रभाव से वहां ज्वाइन कराने और कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि सीएमओ के आदेश को जानबूझ कर एमओआईसी और डीआईओ पालन नहीं करवा रहे हैं। एएनएम तैनाती स्थल पिरैला के बजाय खैरा में रहकर षड्यंत्र रच रही है।
आवास के बहाने उपकेंद्र पर बैठ रही हैं। पीड़ित ने शिकायत में कहा है कि तैनाती पिरैला उपकेंद्र पर है, मगर अधिकारियों की ढिलाई के चलते जहां आवास मिला है खैरा उपकेंद्र पर ही कार्य कर रही है। आए दिन शिकायत हो रही, बावजूद इसके अभी तक यहां से उसे भेजा नहीं गया।
Trending Videos
सीएचसी भानपुर अंतर्गत ग्राम खैरा स्थित उपकेंद्र पर तैनात एएनएम के विरुद्ध गोपाल सिंह लोधी ने मुख्यमंत्री, डीएम, एसपी, सीएमओ को शिकायती पत्र भेजा था। आरोप लगाते हुए कहा था कि उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम द्वारा उपचार में भेदभाव किया जाता है। 12 मार्च रात में पत्नी ज्योति को प्रसव पीड़ा होने पर वह उपकेंद्र पहुंचे थे। यहां तैनात एएनएम ने पहले प्रसव कराने के नाम पर धनउगाही की। बाद में नवजात को इंजेक्शन लगाने के नाम पर धन मांगा। गलत इंजेक्शन लगा देने के कारण नवजात की तबीयत और बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामले की शिकायत के बाद सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने डीआईओ व डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी द्वारा जांच कराई थी। इसमें शिकायत सही पाए जाने पर और एएनएम पर दोष सिद्ध होने के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. सचिन चौधरी की संस्तुति पर उनका स्थानांतरण दो अप्रैल 2026 को सीएचसी विक्रमजोत में कर दिया गया था। इसके बाद भी अभी तक उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया है।
पीड़ित इससे क्षुब्ध होकर दोबारा सीडीओ, सीएमओ व डीएम के यहां पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए तत्काल प्रभाव से वहां ज्वाइन कराने और कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि सीएमओ के आदेश को जानबूझ कर एमओआईसी और डीआईओ पालन नहीं करवा रहे हैं। एएनएम तैनाती स्थल पिरैला के बजाय खैरा में रहकर षड्यंत्र रच रही है।
आवास के बहाने उपकेंद्र पर बैठ रही हैं। पीड़ित ने शिकायत में कहा है कि तैनाती पिरैला उपकेंद्र पर है, मगर अधिकारियों की ढिलाई के चलते जहां आवास मिला है खैरा उपकेंद्र पर ही कार्य कर रही है। आए दिन शिकायत हो रही, बावजूद इसके अभी तक यहां से उसे भेजा नहीं गया।