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Basti News: 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का काम ठप लापरवाही ने रोकी विकास की रफ्तार
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84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर बरसांव के निकट बनकर तैयार हुआ अंडरपॉस का ढांचा। संवाद
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बस्ती। सरकार की महत्वपूर्ण 84 कोसी परिक्रमा मार्ग परियोजना के प्रथम फेज में ही लापरवाही सामने आने लगी है। लापरवाही के कारण विकास की रफ्तार ठप पड़ी है। निर्माण एजेंसी की ओर से न नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है न ही जिम्मेदार अधिकारी रुचि दिखा रहे हैं।
बता दें कि पांच माह पहले निर्माण की हलचल बढ़ गई थी। सबसे पहले बस्ती-अयोध्या हाईवे, रामजानकी मार्ग समेत विभिन्न संपर्क मार्गों पर अंडरपास का निर्माण शुरू किया गया। मगर एक महीने से अधिक समय से निर्माण कार्य ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना में कार्यदायी एजेंसी की लापरवाही शुरूआत में ही सामने आ रही है।
जिन जगहों पर अंडरपास का निर्माण किया गया है वहां मानक के हिसाब से क्यूरिंग नहीं किया गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन से चार जगहों पर परिक्रमा मार्ग के लिए अंडर पास का ढांचा तैयार कर दिया गया है। आरसीसी ढलाई के बाद भी अंडरपास के तरावट का कार्य नियमित नहीं हुआ है। जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिविल वर्क के एक्सपर्ट इं. राजेश कुमार बताते हैं कि पुल या आरसीसी ढलाई में मजबूती लाने के लिए कम से कम 28 दिन तक क्यूरिंग की अनिवार्यता होती है। तभी सीमेंट लोहे और कंकरीट के साथ अच्छी तरह जाम होता है। इससे ढलाई का कार्य मजबूत होता है। नियम से पाइप से दिन में तीन बार आरसीसी ढलाई की सिंचाई होनी चाहिए। यदि छत हैं तो उस पर मेड़बंदी करके पानी भरना चाहिए। आरसीसी दीवार है तो उस पर जूट के बाेरे भिगो कर रखे जाने चाहिए। यह प्रक्रिया 28 से 30 दिन तक अनिवार्य है।
क्षेत्रीय नागरिक राम शंकर कहते हैं कि अंडरपास का ढांचा तैयार करने के बाद ठेकेदार गायब हो गए हैं। इसके आगे न तो सड़क का निर्माण शुरू हो पा रहा है और न ही आरसीसी ढलाई के कार्यों का पानी से तरी हो पा रहा है। इससे अंडरपास की मजबूती पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा विभागीय अधिकारी इस परियोजना के निर्माण कार्य को निर्माण कंपनी के भरोसे छोड़ दिए हैं। जिससे गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं हो पा रही है।
प्रथम फेज में बननी हैं 40 किमी लंबी टू-लेन सड़क : 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के पहले फेज की सड़क बस्ती में मखौड़ा धाम से दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र के सरयू नदी के तट तक बननी है। इस रास्ते में आधा दर्जन अंडरपास बनाए जाने हैं। जिले में 40 किमी लंबी इस सड़क के लिए कुल 1032 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यह सड़क 10 मीटर चौड़ी टू- लेन विथ पिप्ड सोल्डर बनेगी। इस मार्ग से अंबेडकरनगर, अयोध्या, सुलतानपुर, बाराबंकी, गोंडा जनपद सीधे जुड़ेंगे। परिक्रमा मार्ग के चलते सरयू नदी पर एक नया पुल भी बनेगा। जिससे आवागमन और आसान हो जाएगा।
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बता दें कि पांच माह पहले निर्माण की हलचल बढ़ गई थी। सबसे पहले बस्ती-अयोध्या हाईवे, रामजानकी मार्ग समेत विभिन्न संपर्क मार्गों पर अंडरपास का निर्माण शुरू किया गया। मगर एक महीने से अधिक समय से निर्माण कार्य ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की इस अति महत्वाकांक्षी परियोजना में कार्यदायी एजेंसी की लापरवाही शुरूआत में ही सामने आ रही है।
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जिन जगहों पर अंडरपास का निर्माण किया गया है वहां मानक के हिसाब से क्यूरिंग नहीं किया गई है। ग्रामीणों का कहना है कि तीन से चार जगहों पर परिक्रमा मार्ग के लिए अंडर पास का ढांचा तैयार कर दिया गया है। आरसीसी ढलाई के बाद भी अंडरपास के तरावट का कार्य नियमित नहीं हुआ है। जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सिविल वर्क के एक्सपर्ट इं. राजेश कुमार बताते हैं कि पुल या आरसीसी ढलाई में मजबूती लाने के लिए कम से कम 28 दिन तक क्यूरिंग की अनिवार्यता होती है। तभी सीमेंट लोहे और कंकरीट के साथ अच्छी तरह जाम होता है। इससे ढलाई का कार्य मजबूत होता है। नियम से पाइप से दिन में तीन बार आरसीसी ढलाई की सिंचाई होनी चाहिए। यदि छत हैं तो उस पर मेड़बंदी करके पानी भरना चाहिए। आरसीसी दीवार है तो उस पर जूट के बाेरे भिगो कर रखे जाने चाहिए। यह प्रक्रिया 28 से 30 दिन तक अनिवार्य है।
क्षेत्रीय नागरिक राम शंकर कहते हैं कि अंडरपास का ढांचा तैयार करने के बाद ठेकेदार गायब हो गए हैं। इसके आगे न तो सड़क का निर्माण शुरू हो पा रहा है और न ही आरसीसी ढलाई के कार्यों का पानी से तरी हो पा रहा है। इससे अंडरपास की मजबूती पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके अलावा विभागीय अधिकारी इस परियोजना के निर्माण कार्य को निर्माण कंपनी के भरोसे छोड़ दिए हैं। जिससे गुणवत्ता की नियमित जांच नहीं हो पा रही है।
प्रथम फेज में बननी हैं 40 किमी लंबी टू-लेन सड़क : 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के पहले फेज की सड़क बस्ती में मखौड़ा धाम से दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र के सरयू नदी के तट तक बननी है। इस रास्ते में आधा दर्जन अंडरपास बनाए जाने हैं। जिले में 40 किमी लंबी इस सड़क के लिए कुल 1032 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। यह सड़क 10 मीटर चौड़ी टू- लेन विथ पिप्ड सोल्डर बनेगी। इस मार्ग से अंबेडकरनगर, अयोध्या, सुलतानपुर, बाराबंकी, गोंडा जनपद सीधे जुड़ेंगे। परिक्रमा मार्ग के चलते सरयू नदी पर एक नया पुल भी बनेगा। जिससे आवागमन और आसान हो जाएगा।