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Bhadohi News: 29 छात्रों को मिली हाफिज और कारी की उपाधि
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पीरखांपुर मदरसे में बरकाते रजा कांफ्रेंस को संबोधित करते मुफ्ती शमसुद्दीन।
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भदोही। पीरखांपुर मोहल्ले में स्थित मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म में बीती रात सालाना जश्न-ए-दस्तार बंदी कार्यक्रम बरकात-ए-रजा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। कांफ्रेंस में 29 छात्रों को हाफिज और कारी की उपाधि दी गई। इस मौके पर उलेमाओं ने उनके सर पर ईमामा शरीफ बांध कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ कारी जुनैद ने कुरआन की तिलावत से किया।
उन्होंने पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के सिर पर इमाम-ए-शरीफ बांधा। उन्होंने कहा कि आज जिन बच्चों ने पूरा कुरआन हिफ्ज किया है और जिन बच्चों ने कारी की उपाधि प्राप्त की है उनके मां-बाप इस संसार के सबसे खुशनसीब इंसान हैं। ऐसे बच्चों को सनद देना भी सौभाग्य की बात है। राजस्थान से आए मौलाना मुफ्ती शमसुद्दीन ने अपने संबोधन में कहा कि आशा है कि ये बच्चे आगे चल कर समाज की सेवा करेंगे और लोगों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
मौलाना अब्दुस्समद जियाई ने कहा कि इन बच्चों ने आज जो कुछ हासिल किया वह हर मुसलमान की जीवन भर इच्छा होती है। जिसने यह पा लिया वह सबसे खुशनसीब इंसान होता है। कहा कि जो लोग अल्लाह की राह में खर्च करते हैं वह जाया नहीं जाता अल्लाह उसे नवाजता है। मुफ्ती काजी फजल अहमद और मौ. नजम अली खां ने भी अपनी तकरीर से लोगों विशेषकर युवाओं को प्रेरित किया। कांफ्रेंस में मौजूद शायरों ने नात-ए-पाक पेश कर लोगों की वाहवाही लूटी। शायर जावेद आसिम, फैयाज भदोहवी, तनवीर रजा चंदौलवी ने भी नात पढ़ कर सुनाए।
मौ.फैसल हुसैन अशर्फी, मौ. मो. नजम अली खां, कारी फजल नूरी, दिवान जमा, डॉ. शफीक अजमल, अब्दुल हादी खां, मुख्तार रिजवी, मौ.नकीब, मौ.खुर्शीद आलम, मौ. अर्सेआजम भी रहे। संचालन मो. फैजान रजा और प्रिंसिपल मौ.रज्जब अली ने लोगों का आभार जताया।
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उन्होंने पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के सिर पर इमाम-ए-शरीफ बांधा। उन्होंने कहा कि आज जिन बच्चों ने पूरा कुरआन हिफ्ज किया है और जिन बच्चों ने कारी की उपाधि प्राप्त की है उनके मां-बाप इस संसार के सबसे खुशनसीब इंसान हैं। ऐसे बच्चों को सनद देना भी सौभाग्य की बात है। राजस्थान से आए मौलाना मुफ्ती शमसुद्दीन ने अपने संबोधन में कहा कि आशा है कि ये बच्चे आगे चल कर समाज की सेवा करेंगे और लोगों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
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मौलाना अब्दुस्समद जियाई ने कहा कि इन बच्चों ने आज जो कुछ हासिल किया वह हर मुसलमान की जीवन भर इच्छा होती है। जिसने यह पा लिया वह सबसे खुशनसीब इंसान होता है। कहा कि जो लोग अल्लाह की राह में खर्च करते हैं वह जाया नहीं जाता अल्लाह उसे नवाजता है। मुफ्ती काजी फजल अहमद और मौ. नजम अली खां ने भी अपनी तकरीर से लोगों विशेषकर युवाओं को प्रेरित किया। कांफ्रेंस में मौजूद शायरों ने नात-ए-पाक पेश कर लोगों की वाहवाही लूटी। शायर जावेद आसिम, फैयाज भदोहवी, तनवीर रजा चंदौलवी ने भी नात पढ़ कर सुनाए।
मौ.फैसल हुसैन अशर्फी, मौ. मो. नजम अली खां, कारी फजल नूरी, दिवान जमा, डॉ. शफीक अजमल, अब्दुल हादी खां, मुख्तार रिजवी, मौ.नकीब, मौ.खुर्शीद आलम, मौ. अर्सेआजम भी रहे। संचालन मो. फैजान रजा और प्रिंसिपल मौ.रज्जब अली ने लोगों का आभार जताया।
