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Bhadohi News: 50 ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें दुरुस्त होंगी, बन रही डीपीआर
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ज्ञानपुर। जिले की 50 ग्रामीण सड़कें बनाई जाएंगी। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से इन सड़कों का निर्माण होगा। पीएमजीएसवाई ने पांच से 10 साल पुरानी सड़कों का सर्वे पूर्ण कर अब डीपीआर बनाने में जुट गया है। इसमें 200 मीटर से लेकर दो किमी लंबी सड़कें शामिल हैं। सभी सड़कें लिंक मार्ग से गांव को जोड़ने वाली हैं। जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 2500 किमी सड़कों का जाल फैला है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति आदि एजेंसियां सड़कों की देखरेख करती हैं। इनमें सभी निर्माण कार्यों का नोडल लोक निर्माण विभाग होता है।
हर साल सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत, गड्ढामुक्त अभियान में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इस दौरान जरूरत के हिसाब से कुछ सड़कें चौड़ी की जाती हैं। मुख्य सड़कों पर हर साल ध्यान दिया जाता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें खराब ही रह जाती हैं। लोक निर्माण विभाग अधिकतर मुख्य मार्गाें पर ही ध्यान देता है। जिला पंचायत और पीएमजीएसवाई ग्रामीण सड़कों को बनवाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई ने छह ब्लॉकों में जेई के माध्यम से सर्वे कराया।
इनमें 50 सड़कें जर्जर एवं मरम्मत लायक मिलीं। अब उन सड़कों का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। मुख्य मार्ग से लेकर लिंक मार्ग तक जुड़ने वाली इन छोटी सड़कों के निर्माण पर 10 से लेकर 25 लाख रुपये तक खर्च आएगा। अधिकतर सड़कें 200 मीटर से लेकर दो किमी तक लंबी हैं। अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई प्रज्ञा परमिता ने बताया कि सर्वे के आधार पर 50 सड़कों का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। संवाद
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हर साल सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत, गड्ढामुक्त अभियान में करोड़ों रुपये खर्च होते हैं। इस दौरान जरूरत के हिसाब से कुछ सड़कें चौड़ी की जाती हैं। मुख्य सड़कों पर हर साल ध्यान दिया जाता है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें खराब ही रह जाती हैं। लोक निर्माण विभाग अधिकतर मुख्य मार्गाें पर ही ध्यान देता है। जिला पंचायत और पीएमजीएसवाई ग्रामीण सड़कों को बनवाती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पीएमजीएसवाई ने छह ब्लॉकों में जेई के माध्यम से सर्वे कराया।
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इनमें 50 सड़कें जर्जर एवं मरम्मत लायक मिलीं। अब उन सड़कों का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। मुख्य मार्ग से लेकर लिंक मार्ग तक जुड़ने वाली इन छोटी सड़कों के निर्माण पर 10 से लेकर 25 लाख रुपये तक खर्च आएगा। अधिकतर सड़कें 200 मीटर से लेकर दो किमी तक लंबी हैं। अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई प्रज्ञा परमिता ने बताया कि सर्वे के आधार पर 50 सड़कों का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा। संवाद
