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Bhadohi News: 76 मिलीमीटर बारिश, एनएच की कांवड़िया लेन पर भरा पानी, 24 घंटे का ऑरेंज अलर्ट
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गिराई के पास हुए जलजमाव के बीच गुजरते वाहन। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले में तीन दिनों की लगातार बारिश के बाद लोगों की परेशानी बढ़ने लगी हैं। बृहस्पतिवार रात से लेकर पूरे दिन बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार 24 घंटे में करीब 76 एमएम (मिलीमीटर) रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। वहीं वाराणसी-प्रयागराज एनएच की कांवड़िया लेन पर पानी भर गया। वहीं दो परिवारों के कच्चे मकान भी ढह गए। शहर से गांवों तक जगह-जगह जलभराव की शिकायत मिली। यहां तक कि एनएचएआई के कांवड़िया लेन पर भी पानी भर गया। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
जिले में मंगलवार को 45 एमएम और बुधवार को 40 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जबकि बृहस्पतिवार को इस सीजन का रिकॉर्ड 76 एमएम वर्षा दर्ज हुई। दिन में धूप नहीं निकली। कभी तेज तो कभी धीमी बारिश से लोगों की परेशानियां बढ़ती गईं। तीन दिनों की बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की भी पोल खोल दी। शहरों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार और पगडंडियां कीचड़ से सनी रहीं।
वाराणसी-प्रयागराज मुख्य हाईवे पर जलभराव रोकने के लिए लगभग एक वर्ष पहले 50 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है। तीन दिनों की बारिश के बाद माधोसिंह, गिराई, जंगीगंज और औराई में नालों का पानी ओवरफ्लो होकर कांवड़िया लेन तक पहुंच गया। हंडिया-राजातालाब खंड के 82 किलोमीटर लंबे हाईवे पर दक्षिणी और उत्तरी छोर के बाजारों के पास यह समस्या अक्सर बनी रहती है। किसानों के खिले चेहरे : लगातार हो रही बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल गए हैं। जुलाई माह में औसत से 70 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जिससे खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं। वर्षा न होने से किसान भी चिंतित थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से खेतों में हरियाली लौट आई है और किसानों में खुशी है।
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जिले में मंगलवार को 45 एमएम और बुधवार को 40 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जबकि बृहस्पतिवार को इस सीजन का रिकॉर्ड 76 एमएम वर्षा दर्ज हुई। दिन में धूप नहीं निकली। कभी तेज तो कभी धीमी बारिश से लोगों की परेशानियां बढ़ती गईं। तीन दिनों की बारिश ने प्रशासनिक तैयारियों की भी पोल खोल दी। शहरों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार और पगडंडियां कीचड़ से सनी रहीं।
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वाराणसी-प्रयागराज मुख्य हाईवे पर जलभराव रोकने के लिए लगभग एक वर्ष पहले 50 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन समस्या अब भी बनी हुई है। तीन दिनों की बारिश के बाद माधोसिंह, गिराई, जंगीगंज और औराई में नालों का पानी ओवरफ्लो होकर कांवड़िया लेन तक पहुंच गया। हंडिया-राजातालाब खंड के 82 किलोमीटर लंबे हाईवे पर दक्षिणी और उत्तरी छोर के बाजारों के पास यह समस्या अक्सर बनी रहती है। किसानों के खिले चेहरे : लगातार हो रही बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल गए हैं। जुलाई माह में औसत से 70 प्रतिशत कम बारिश हुई थी, जिससे खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं। वर्षा न होने से किसान भी चिंतित थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से खेतों में हरियाली लौट आई है और किसानों में खुशी है।
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