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Bhadohi News: गंगा के तटीय इलाकों में कछुआ अभयारण्य के लिए सर्वे शुरू
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सीतामढ़ी। जिले के गंगा में कछुआ सेंचुरी क्षेत्र में कछुआ अभयारण्य बनाने के लिए सर्वे शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त उद्योग अशोक कुमार और राजेश कुमार ने कोनिया क्षेत्र के 25 गांवों में कछुआ सेंचुरी अभयारण्य के लिए निरीक्षण कर सर्वे किया। टीम ने तटीय इलाकों के ईंट भट्ठों की भी जांच की। टीम ने डीघ ब्लॉक के बारीपुर, नारेपार, बनकट, डीघ, इटहरा, कलिक मवैया, छेछुआ, हरिरामपुर, धनतुलसी, कलातुलसी, महरच्छ तुलसी, बहपूरा, कूंडी कला, कूंडी खुर्द, खेमापुर, अरई, आदि 25 गंगा तटीय गांवों में सर्वे किया।
जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त गांवों के आसपास के उद्योग धंधों का सर्वे किया जा रहा है और उनसे निकलने वाले किसी भी प्रकार का प्रदूषण गंगा में न जाए। जिससे गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखा जा सके, ताकि कछुओं और अन्य जलीय जीव जंतुओं को प्रदूषित पानी से बचाया जा सके। चिह्नित गंगा तटीय गांवों में सर्वे शुरू है। इसी तरह गंगा के आसपास के ईंट भट्टों का का भी सर्वे किया जा रहा है। डीघ ब्लॉक के बारीपुर से लेकर पूरे कोनिया क्षेत्र को कछुआ सेंचुरी क्षेत्र घोषित किया गया है। जिसमें वन विभाग की ओर से गंगा में कछुओं को डाला गया है। कछुआ सेंचुरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन पूर्णतया प्रतिबंधित है।
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जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त अशोक कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर उक्त गांवों के आसपास के उद्योग धंधों का सर्वे किया जा रहा है और उनसे निकलने वाले किसी भी प्रकार का प्रदूषण गंगा में न जाए। जिससे गंगा को स्वच्छ और निर्मल रखा जा सके, ताकि कछुओं और अन्य जलीय जीव जंतुओं को प्रदूषित पानी से बचाया जा सके। चिह्नित गंगा तटीय गांवों में सर्वे शुरू है। इसी तरह गंगा के आसपास के ईंट भट्टों का का भी सर्वे किया जा रहा है। डीघ ब्लॉक के बारीपुर से लेकर पूरे कोनिया क्षेत्र को कछुआ सेंचुरी क्षेत्र घोषित किया गया है। जिसमें वन विभाग की ओर से गंगा में कछुओं को डाला गया है। कछुआ सेंचुरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का खनन पूर्णतया प्रतिबंधित है।
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