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Bhadohi News: 27 यूरोपीय देशों से कर मुक्त व्यापार का समझौता कालीन उद्योग के लिए संजीवनी, 30 फीसदी कारोबार बढ़ने की उम्मीद

Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:32 AM IST
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Duty-free trade agreement with 27 European countries is a lifeline for the carpet industry, with business expected to increase by 30%
एक कालीन प्रतिष्ठान में कालीनों को अंतिम टच देते कारीगर। स्रोत-संवाद
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भदोही। अमेरिकी टैरिफ टेंशन के बीच यूरोपीय संघ से कर मुक्त व्यापार के समझौते के बाद भारतीय कालीन निर्यातकों में खुशी है। यूरोपीय संघ में शामिल 27 देशों में जर्मनी, फ्रांस, स्वीटजरलैंड, स्पेन व इटली जैसे देशों में कुल भारतीय कालीनों के सलाना व्यवसाय की 25 फीसदी तक की हिस्सेदारी है। यानी चार से पांच हजार करोड़ का सालाना निर्यात वाले इन देशों में कर मुक्त व्यापार के समझौते के बाद अमेरिकी टैरिफ से मंद पड़े कालीन उद्योग को संजीवनी मिलेगी। यूरोपीय देशों के साथ 30 फीसदी तक व्यवसाय बढ़ने की संभावना है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते साल अप्रैल महीने में भारतीय सामानों के आयात पर 25 फीसदी अतिरिक्त कर थोप दिया था। इससे भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी तक कर लगने लगा है। अमेरिकी टैरिफ लागू होने के बाद से कालीन उद्योग में भूचाल आ गया। 98 फीसदी तक विदेशों में निर्यात होने वाले इस उद्योग पर संकट के बादल मंडराने लगे। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के आंकड़ों के अनुसार भारत का सालाना कालीन निर्यात करीब 17500 करोड़ का है। इसमें करीब 55 फीसदी यानी कि 12000 करोड़ केवल अमेरिका में होता है। भारत सरकार ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ कर मुक्त कारोबार का समझौता किया। इससे अमेरिकी टैरिफ के टेंशन से जूझ रहे निर्यातकों को बड़ी उम्मीद दिखाई दी है। अभी तक यूरोपीय देशों के साथ अलग-अलग सामानों पर नौ से 12 फीसदी तक टैक्स देना होता था। इस समझौते के बाद भारत में बनने वाली सभी प्रकार के कालीनों का कर मुक्त निर्यात होगा। यूरोपीय संघ के 27 देशों में जर्मनी, नीदरलैंड, फ्रांस, स्वीडन, इटली जैसे देशों में भारतीय कालीन निर्यातकों का अच्छा कारोबार रहा है। अब कर मुक्त समझौते के बाद इन देशों के साथ कालीनों के कारोबार में बढ़ोत्तरी दर्ज की जाएगी। वहीं, अमेरिकी टैरिफ का दंश झेल रहे निर्यातकों के लिए बेहतर अवसर तैयार होंगे। ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, ग्रीस, लक्जमबर्ग, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्पेन, चेक गणराज्य, डेनमार्क, हंगरी, पोलैंड जैसे देश भी यूरोपीय संघ में आते हैं। जहां भारतीय कालीनों का निर्यात होता है।
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भारतीय कालीनों के आयात वाले प्रमुख यूरोपीय देश
देश - सालाना व्यापार
जर्मनी - 1046 करोड़
नीदरलैंड - 543 करोड़
फ्रांस - 387 करोड़
स्वीडेन -376 करोड़
इटली - 313 करोड़
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