UP: पिता ने बेटी को खूंटे से मारा...कान, नाक, सिर से निकला खून, इस बात को लेकर हुआ था आगबबूला; गिरफ्तार
Bhadohi News: भदोही में उपली बेचने को लेकर बड़ी मां और पिता के बीच हुए विवाद को रोकने गई बेटी की पिता ने पशुओं को बांधने वाले खूंटे से सिर पर कई वार कर हत्या कर दी। हमले में युवती के सिर, नाक और कान से खून बहने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
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चौरी थाना क्षेत्र के वेदमनपुर रोटहां में बुधवार की देर शाम पिता ने पशुओं को बांधने वाले खूंटे से हमला कर अपनी 18 साल की बेटी की हत्या कर दी। बड़ी मां के द्वारा बेचे जा रहे उपले का विरोध कर रहे पिता को रोकने पर आक्रोशित हुए पिता ने उसके सिर पर पशुओं के बांधने वाले खूंटे से कई वार कर दिया। लहूलुहान हाल में उसे रेफर होने के बाद वाराणसी अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। आरोपी पिता को पुलिस ने देर रात ही गिरफ्तार कर लिया।
वेदनमनपुर रोटहां निवासी सरजू यादव के तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर के पुत्र राजेश यादव की बेटी सुषमा यादव (18) ने इसी साल बीए में दाखिल लिया था। बताया जा रहा है कि बुधवार की शाम आरोपी के बड़े भाई संतोष की पत्नी रानो किसी व्यक्ति को उपली बेच रही थी। जिसे लेकर उनके देवर राजेश यादव से विवाद शुरू हो गया।
बात इतनी बढ़ गई कि राजेश अपनी भाभी रानो को मारने पीटने लगा। बताया जा रहा है कि यह देख बीच बचाव करने आई उसकी बड़ी बेटी सुषमा यादव को उसके पिता राजेश ने झटक दिया। जिससे वह चारपाई में टकराने के बाद जमीन पर गिर गई।
इसके बाद जैसे राजेश पर खून सवार हो गया और पास रखे पशुओं को बांधने वाला खूंटा उठाया और अपनी ही पुत्री के सिर पर कई हमले कर दिए। जिससे लहूलुहान होकर वह जमीन पर गिर गई। उसके कान, नाक, सिर से खून आने लगा। परिजन तत्काल उसे लेकर भदोही के एक निजी चिकित्सलय पहुंचे, लेकिन हालत गंभीर देख चिकित्सको ने वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इतना खराब तो नहीं था मेरा बेटा...
राजेश के पिता सरजू यादव बेटे की इस हरकत को लेकर सदमे में हैं। सरजू यादव के तीन पुत्र हैं। जिसमें संतोष, राजेश, अनिल तीनों का परिवार एक ही मकान में रहता है। पास में एक पुराना कच्चा मकान है। जिसमें उपली वगैरह रखा जाता है। सरजू ने बताया कि बीते कुछ समय से उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। बात करने पर कहा कि वह इतना खराब तो नही था कि अपने ही परिवार पर इस तरह क्रूरता करें। उसने इस तरह की हरकत कभी नही की थी, लेकिन अब क्या बोल सकता हूं।
बेटी की मौत और पति के जेल जाने से सदमे में रीता
मृतक सुषमा यादव ने इस वर्ष श्याम प्रसाद मुखर्जी महाविद्यालय, रामरायपुर में बीए में दाखिला लिया था। वह अपने एक भाई व दो बहनों में सबसे बड़ी थी। परिजनों ने बताया कि घर के सारे कार्य करने में वह काफी तेज थी। इसके अलावा उसका व्यवहार भी काफी सरल था। शायद यही उसके लिए काल बन गया और पिता और बड़ी मां के बीच हो रहे विवाद को सुलझाने कीमत उसे अपनी जान गंवा कर चुकानी पड़ी। मृतका की मां रीता देवी पुत्री की मौत और पति के जेल में होने को लेकर सदमे में है।
घर में विवाद के बाद पिता ने अपनी बेटी के सिर पर वार कर घायल कर दिया था। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी। आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों के अनुसार उसकी मानसिक हालत इन दिनों ठीक नहीं चल रही थी। - राजीव सिंह, क्षेत्राधिकारी, औराई।