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Bhadohi News: 235 सरकारी और 140 निजी अस्पतालों की होगी फायर ऑडिट
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ज्ञानपुर। जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा के प्रति स्वास्थ्य विभाग सख्त है। जिले के 235 सरकारी और 140 निजी अस्पतालों का फायर ऑडिट कराया जाएगा। कमियां मिलने पर संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फायर ऑडिट कराने के लिए शासनस्तर से स्वास्थ्य विभाग को निर्देश मिले हैं। विभागीय स्तर से इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यह अभियान स्वास्थ्य व अग्निशमन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलेगा। अस्पतालों में अक्सर में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। अस्पताल में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए फायर ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। ऑडिट में फायर फाइटिंग उपकरण, एग्जिट गेट, अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और स्टाफ को दी गई प्रशिक्षण की जांच की जाएगी। इसके अलावा साइनिंग बोर्ड, एग्जिट पोल देखे जाएंगे। यह काम फायर और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर भी इस दायरे में आएंगे। जिन अस्पतालों में कमियां मिलेंगी, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे। मानकों को पूरा न करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में तीन बड़े अस्पताल हैं। इनमें महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल के अलावा छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें भानीपुर, सुरियावां, गोपीगंज, भदोही, औराई, डीघ शामिल हैं। 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 206 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों में कुल करीब 426 फायर बॉटल लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में तो व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, जंगीगंज, महाराजगंज, बाबूसराय, चौरी आदि स्थानों पर करीब 140 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम संचालित हैं। इनमें से कई जगह व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक का कहना है कि अस्पतालों की फायर ऑडिट कराने के लिए शासनस्तर से निर्देश मिले हैं। स्वास्थ्य और फायर विभाग की टीम ऑडिट करेगी। विभाग की ओर से टीम में दो कर्मचारियों को रखा जाएगा।
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फायर ऑडिट कराने के लिए शासनस्तर से स्वास्थ्य विभाग को निर्देश मिले हैं। विभागीय स्तर से इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यह अभियान स्वास्थ्य व अग्निशमन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलेगा। अस्पतालों में अक्सर में आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। अस्पताल में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए फायर ऑडिट कराने का निर्णय लिया गया है। ऑडिट में फायर फाइटिंग उपकरण, एग्जिट गेट, अलार्म सिस्टम, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और स्टाफ को दी गई प्रशिक्षण की जांच की जाएगी। इसके अलावा साइनिंग बोर्ड, एग्जिट पोल देखे जाएंगे। यह काम फायर और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ नर्सिंग होम, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर भी इस दायरे में आएंगे। जिन अस्पतालों में कमियां मिलेंगी, उन्हें नोटिस जारी कर निर्धारित समय में सुधार करने के निर्देश दिए जाएंगे। मानकों को पूरा न करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में तीन बड़े अस्पताल हैं। इनमें महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय ज्ञानपुर, महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय भदोही, सरपतहां स्थित सौ शय्या अस्पताल के अलावा छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें भानीपुर, सुरियावां, गोपीगंज, भदोही, औराई, डीघ शामिल हैं। 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 206 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन अस्पतालों में कुल करीब 426 फायर बॉटल लगे हैं। सरकारी अस्पतालों में तो व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, लेकिन ज्ञानपुर, भदोही, गोपीगंज, सुरियावां, जंगीगंज, महाराजगंज, बाबूसराय, चौरी आदि स्थानों पर करीब 140 निजी अस्पताल, नर्सिंग होम संचालित हैं। इनमें से कई जगह व्यवस्थाएं नाकाफी हैं। सीएमओ डॉ. एसके चक का कहना है कि अस्पतालों की फायर ऑडिट कराने के लिए शासनस्तर से निर्देश मिले हैं। स्वास्थ्य और फायर विभाग की टीम ऑडिट करेगी। विभाग की ओर से टीम में दो कर्मचारियों को रखा जाएगा।
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