{"_id":"697ba930efca6ac36c0dd9e4","slug":"opposition-to-ugcs-new-policies-is-not-stopping-bhadohi-news-c-191-1-gyn1003-138309-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: यूजीसी की नई नीतियों पर नहीं थम रहा विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: यूजीसी की नई नीतियों पर नहीं थम रहा विरोध
विज्ञापन
जिला मुख्यालय पर यूजीसी का विरोध करते सवर्ण संगठन के लोग। संवाद
विज्ञापन
ज्ञानपुर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों पर सामान्य वर्ग का विरोध थम नहीं रहा है। बृहस्पतिवार को शहर से लेकर गांव तक लोगों ने पुतला दहन और प्रदर्शन किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यूजीसी की खामियां गिनाई। कहा कि इससे सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के खिलाफ झूठी शिकायत भी हुई तो उनका उत्पीड़न बढ़ेगा।
बृहस्पतिवार की दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचकर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि यूजीसी की ओर से लाए गए नए नियमों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों व व्यक्तियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। द्वेषवश की गई झूठी शिकायतों पर भी सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को दंड का सामना करना पड़ेगा। इससे उनका भविष्य चौपट होगा। कहा कि उक्त कानून में पूर्व शिक्षा विशेषज्ञ, राज्य सरकार, विश्वविद्यालय समुदाय एवं छात्र प्रतिनिधियों से पर्याप्त परामर्श नहीं होने के कारण एकपक्षीय व असंतुलन बढ़ने की संभावना है, जो अन्यायपूर्ण है। प्रदर्शन में शुभम पाठक, रजनीश पांडेय, विकास तिवारी, धीरज दुबे, विजय कुमार सिंह, शिवम उपाध्याय, पंकज शुक्ल, सुरेश शुक्ल, शिवांश पांडेय, सिद्धार्थ मिश्र, अनुज पाठक आदि रहे। डीघ ब्लॉक के तुलसीकला गांव के रामलीला मैदान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। विभिन्न गांव से जुटे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाया।
ग्रामीणों और छात्रों ने यूजीसी के इन नियमों को छात्रहित देशहित के विरुद्ध बताया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और इन नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की। अधिवक्ता कमलाकांत और आलोक पांडेय ने कहा कि सवर्णों पर थोपा गया कानून वापस लेना ही होगा। नियमों को ‘’मुगलों की तरह थोपा गया कानून’’ बताया, जो समाज को बांटने का काम करेगा।
बृजकिशोर पांडेय ने आरोप लगाया कि सवर्णों को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है।
इस मौके पर कमलाकांत पांडेय, रतन गुड्डू, आलोक अतुल पांडेय, धर्मेंद्र, आशीष, वेद प्रकाश, त्र्यंबक, महेश, बबलू, राजकिशोर, मुकेश, रितेश, ओम, अभिषेक, विनय शुक्ला, रत्नेश आदि रहे।
Trending Videos
बृहस्पतिवार की दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचकर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि यूजीसी की ओर से लाए गए नए नियमों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों व व्यक्तियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। द्वेषवश की गई झूठी शिकायतों पर भी सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को दंड का सामना करना पड़ेगा। इससे उनका भविष्य चौपट होगा। कहा कि उक्त कानून में पूर्व शिक्षा विशेषज्ञ, राज्य सरकार, विश्वविद्यालय समुदाय एवं छात्र प्रतिनिधियों से पर्याप्त परामर्श नहीं होने के कारण एकपक्षीय व असंतुलन बढ़ने की संभावना है, जो अन्यायपूर्ण है। प्रदर्शन में शुभम पाठक, रजनीश पांडेय, विकास तिवारी, धीरज दुबे, विजय कुमार सिंह, शिवम उपाध्याय, पंकज शुक्ल, सुरेश शुक्ल, शिवांश पांडेय, सिद्धार्थ मिश्र, अनुज पाठक आदि रहे। डीघ ब्लॉक के तुलसीकला गांव के रामलीला मैदान में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। विभिन्न गांव से जुटे ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला जलाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों और छात्रों ने यूजीसी के इन नियमों को छात्रहित देशहित के विरुद्ध बताया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और इन नियमों पर पुनर्विचार करने की मांग की। अधिवक्ता कमलाकांत और आलोक पांडेय ने कहा कि सवर्णों पर थोपा गया कानून वापस लेना ही होगा। नियमों को ‘’मुगलों की तरह थोपा गया कानून’’ बताया, जो समाज को बांटने का काम करेगा।
बृजकिशोर पांडेय ने आरोप लगाया कि सवर्णों को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है।
इस मौके पर कमलाकांत पांडेय, रतन गुड्डू, आलोक अतुल पांडेय, धर्मेंद्र, आशीष, वेद प्रकाश, त्र्यंबक, महेश, बबलू, राजकिशोर, मुकेश, रितेश, ओम, अभिषेक, विनय शुक्ला, रत्नेश आदि रहे।
