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Bhadohi News: मरम्मत के दावे की सड़कें खोल रहीं पोल
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डीघ ब्लॉक के साकेतनगर जाने वाली कच्ची सड़क। संवाद
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ज्ञानपुर। नवीनीकरण और मरम्मत पर 30.48 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी जिले की सड़कों की हालत खस्ता बनी हुई है। गांवों से होकर गुजरने वाले मुख्य मार्ग, संपर्क मार्ग और गैर जनपद को जोड़ने वाली सड़कें अब भी बदहाल हैं। करीब 40 से 45 सड़कें जर्जर स्थिति में हैं। कहीं मिट्टी डालकर तो कहीं गिट्टी बिछाकर काम पूरा मान लिया गया है। इससे बड़ी आबादी को आवागमन में दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 2500 किलोमीटर सड़कों का जाल फैला है। लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, जिला पंचायत, नगर पंचायत और मंडी समिति समेत विभिन्न एजेंसियां सड़कों की देखरेख करती हैं। इनमें निर्माण कार्यों का नोडल विभाग लोक निर्माण विभाग है। हर वर्ष सड़कों के नवीनीकरण, मरम्मत और गड्ढामुक्त अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। आवश्यकता के अनुसार कुछ सड़कों का चौड़ीकरण भी किया जाता है। मुख्य सड़कों के साथ ग्रामीण सड़कों का भी समय-समय पर नवीनीकरण और मरम्मत कराई जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में लोक निर्माण विभाग ने अवर अभियंताओं के सर्वे और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर ज्ञानपुर, औराई और भदोही विधानसभा क्षेत्रों की 250 सड़कों का प्रस्ताव भेजा। इनमें करीब 271 किलोमीटर लंबी 219 सड़कों के लिए 30 करोड़ 48 लाख रुपये जारी किए गए। इन सड़कों का नवीनीकरण और मरम्मत कर बस्तियों को मुख्य मार्गों से जोड़ना था।
इन सड़कों की हालत सबसे खस्ता
नवीनीकरण पर 30.48 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद कई सड़कें अब भी अधूरी या क्षतिग्रस्त हैं। इनमें औराई विधानसभा क्षेत्र का सारीपुर-नरायणपुर डेढ़ किलोमीटर मार्ग, बाबूसराय से सिंहापुर जाने वाला 800 मीटर मार्ग, महराजगंज-नेवढ़िया ढाई किलोमीटर मार्ग, ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र का सुजातपुर-खलिया डेढ़ किलोमीटर मार्ग, तिलंगा मार्ग (डेढ़ किलोमीटर), बघेलीपुर-दवनपुर (डेढ़ किलोमीटर), जगापुर (करीब एक किलोमीटर), सुरियावां-निगोह मार्ग (दो किलोमीटर), भीमसेनपुर-कटवार मार्ग (डेढ़ किलोमीटर), साकेत नगर कुरमैचा से प्रयागराज सीमा तक तथा ऊंज गांव से पासी बस्ती तक करीब एक किलोमीटर मार्ग शामिल हैं। भदोही विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय श्रीकांतपुर से सोबरी बॉर्डर तक 600 मीटर तथा अभोली-बिठौली तीन किलोमीटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। ऊंज, कुरमैचा और सोबरी बॉर्डर पर केवल गिट्टी और मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
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अब सात करोड़ रुपये का भेजा गया प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत विभाग ने 50 ग्रामीण सड़कों के निर्माण/दुरुस्तीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग की ओर से 10 वर्ष पुरानी सड़कों का सर्वे कराया गया। विभाग के अनुसार 10 लाख से 25 लाख रुपये की लागत वाली इन सड़कों पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 200 मीटर से लेकर दो किलोमीटर तक लंबी सड़कें शामिल हैं। सभी सड़कें लिंक मार्ग के माध्यम से गांवों को जोड़ती हैं।
सड़कों का निर्माण किन मानकों से किया जाता है, पता नहीं चलता। सड़क पर मिट्टी और गिट्टी तो पड़ी है, लेकिन निर्माण नहीं हुआ। बारिश के मौसम में इस सड़क से जुड़े गांवों के लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। रमाशंकर बिंद, पूर्व प्रधान, कुरमैचा
हर साल गड्ढामुक्त अभियान के लिए करोड़ों रुपये जारी होने की जानकारी मिलती है, लेकिन वह कहां खर्च होते हैं, आज तक पता नहीं चला। श्रीकांतपुर से सोबरी बॉर्डर तक गिट्टी तो पड़ी है, लेकिन सड़क अब तक नहीं बन सकी। अनिल बिंद, भानपुर:
पूर्व में स्वीकृत अधिकतर सड़कों का कार्य पूरा हो चुका है। कुछ सड़कें तारकोल के कारण प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण संपर्क मार्गों के नवीनीकरण एवं मरम्मतीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। बारिश के बाद सभी सड़कें दुरुस्त कर ली जाएंगी। संदीप सरोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी:
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में लोक निर्माण विभाग ने अवर अभियंताओं के सर्वे और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर ज्ञानपुर, औराई और भदोही विधानसभा क्षेत्रों की 250 सड़कों का प्रस्ताव भेजा। इनमें करीब 271 किलोमीटर लंबी 219 सड़कों के लिए 30 करोड़ 48 लाख रुपये जारी किए गए। इन सड़कों का नवीनीकरण और मरम्मत कर बस्तियों को मुख्य मार्गों से जोड़ना था।
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इन सड़कों की हालत सबसे खस्ता
नवीनीकरण पर 30.48 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद कई सड़कें अब भी अधूरी या क्षतिग्रस्त हैं। इनमें औराई विधानसभा क्षेत्र का सारीपुर-नरायणपुर डेढ़ किलोमीटर मार्ग, बाबूसराय से सिंहापुर जाने वाला 800 मीटर मार्ग, महराजगंज-नेवढ़िया ढाई किलोमीटर मार्ग, ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र का सुजातपुर-खलिया डेढ़ किलोमीटर मार्ग, तिलंगा मार्ग (डेढ़ किलोमीटर), बघेलीपुर-दवनपुर (डेढ़ किलोमीटर), जगापुर (करीब एक किलोमीटर), सुरियावां-निगोह मार्ग (दो किलोमीटर), भीमसेनपुर-कटवार मार्ग (डेढ़ किलोमीटर), साकेत नगर कुरमैचा से प्रयागराज सीमा तक तथा ऊंज गांव से पासी बस्ती तक करीब एक किलोमीटर मार्ग शामिल हैं। भदोही विधानसभा क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय श्रीकांतपुर से सोबरी बॉर्डर तक 600 मीटर तथा अभोली-बिठौली तीन किलोमीटर मार्ग भी क्षतिग्रस्त बताए गए हैं। ऊंज, कुरमैचा और सोबरी बॉर्डर पर केवल गिट्टी और मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
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अब सात करोड़ रुपये का भेजा गया प्रस्ताव
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत विभाग ने 50 ग्रामीण सड़कों के निर्माण/दुरुस्तीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है। विभाग की ओर से 10 वर्ष पुरानी सड़कों का सर्वे कराया गया। विभाग के अनुसार 10 लाख से 25 लाख रुपये की लागत वाली इन सड़कों पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनमें 200 मीटर से लेकर दो किलोमीटर तक लंबी सड़कें शामिल हैं। सभी सड़कें लिंक मार्ग के माध्यम से गांवों को जोड़ती हैं।
सड़कों का निर्माण किन मानकों से किया जाता है, पता नहीं चलता। सड़क पर मिट्टी और गिट्टी तो पड़ी है, लेकिन निर्माण नहीं हुआ। बारिश के मौसम में इस सड़क से जुड़े गांवों के लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। रमाशंकर बिंद, पूर्व प्रधान, कुरमैचा
हर साल गड्ढामुक्त अभियान के लिए करोड़ों रुपये जारी होने की जानकारी मिलती है, लेकिन वह कहां खर्च होते हैं, आज तक पता नहीं चला। श्रीकांतपुर से सोबरी बॉर्डर तक गिट्टी तो पड़ी है, लेकिन सड़क अब तक नहीं बन सकी। अनिल बिंद, भानपुर:
पूर्व में स्वीकृत अधिकतर सड़कों का कार्य पूरा हो चुका है। कुछ सड़कें तारकोल के कारण प्रभावित हुई हैं। ग्रामीण संपर्क मार्गों के नवीनीकरण एवं मरम्मतीकरण का प्रस्ताव भेजा गया है। बारिश के बाद सभी सड़कें दुरुस्त कर ली जाएंगी। संदीप सरोज, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी: