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Bhadohi News: मौसम की बेरूखी, तीन दिन से नहीं हो रही बारिश
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ज्ञानपुर नगर में शाम के समय छाया बादल। संवाद
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ज्ञानपुर। जिले में बारिश की बेरूखी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जिसमें तीन दिन से बारिश न होने से एक तरफ गर्मी का असर बढ़ा है। वहीं दूसरी तरफ उमस ने बीमारियों को न्योता दिया है। इसके अलावा बारिश की बेरूखी से किसानों के माथे पर भी सिकन देखने को मिल रही है। बारिश न होने से तापमान में भी बढोतरी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार एक से दो दिनों में मौसम में बदलाव हो सकता है और अच्छी बारिश की संभावना है।
जिले में तीन दिन की लगातार बारिश के बाद बीते तीन दिन बिना बारिश के ही गुजर गए हैं। लगातार तीन दिनों तक बारिश न होने से गर्मी का असर बढ़ा गया है। खासकर सुबह और शाम उमस का असर बरकरार है। तीन दिन पहले तक जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन अब एक बार फिर से बारिश न होने से तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया है। जिले में लगभग 20 दिन लेट मानसून आया, लेकिन उसके बाद मानसून की बेरूखी ने किसानों को भी मुश्किल में डाल दिया है। बारिश शुरू होने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि वे बेहन इत्यादि डाल सकेंगे। खासकर शाम के समय उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। कृषि विज्ञान केन्द्र बेजवां प्रभारी डॉ. अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि पूर्वांचल में मानसून सक्रिय है, लेकिन पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से बारिश नहीं हो पा रही है। बताया कि आने वाले एक से दो दिन में बारिश होने की संभावना है। बताया कि अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया है।
खरीफ खेती हो सकती है प्रभावित
केविके प्रभारी ने बताया कि जुलाई में बारिश कम होती है तो किसानों को खरीफ (धान, मक्का, सोयाबीन) की बुवाई में देरी और धान की नर्सरी (बिचड़ों) के सूखने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बारिश के अभाव में फसलों को बचाने के लिए किसानों को डीजल से चलने वाले पंपों का उपयोग करना पड़ता है। जिससे सिंचाई की लागत बढ़ जाती है। ऐसे में इस समय किसानों के लिए बारिश बहुत जरूरी है।
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जिले में तीन दिन की लगातार बारिश के बाद बीते तीन दिन बिना बारिश के ही गुजर गए हैं। लगातार तीन दिनों तक बारिश न होने से गर्मी का असर बढ़ा गया है। खासकर सुबह और शाम उमस का असर बरकरार है। तीन दिन पहले तक जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन अब एक बार फिर से बारिश न होने से तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया है। जिले में लगभग 20 दिन लेट मानसून आया, लेकिन उसके बाद मानसून की बेरूखी ने किसानों को भी मुश्किल में डाल दिया है। बारिश शुरू होने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि वे बेहन इत्यादि डाल सकेंगे। खासकर शाम के समय उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। कृषि विज्ञान केन्द्र बेजवां प्रभारी डॉ. अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि पूर्वांचल में मानसून सक्रिय है, लेकिन पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से बारिश नहीं हो पा रही है। बताया कि आने वाले एक से दो दिन में बारिश होने की संभावना है। बताया कि अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री दर्ज किया गया है।
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खरीफ खेती हो सकती है प्रभावित
केविके प्रभारी ने बताया कि जुलाई में बारिश कम होती है तो किसानों को खरीफ (धान, मक्का, सोयाबीन) की बुवाई में देरी और धान की नर्सरी (बिचड़ों) के सूखने जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बारिश के अभाव में फसलों को बचाने के लिए किसानों को डीजल से चलने वाले पंपों का उपयोग करना पड़ता है। जिससे सिंचाई की लागत बढ़ जाती है। ऐसे में इस समय किसानों के लिए बारिश बहुत जरूरी है।
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