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Bijnor News: आकू ब्लॉक में 73 प्रतिशत महिलाएं बनीं लखपति दीदी
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जनवरी में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर। आकू ब्लॉक में वर्तमान सत्र के दौरान लक्ष्य के सापेक्ष करीब 73 प्रतिशत महिलाएं लखपति दीदी बन चुकीं हैं। सहायक विकास अधिकारी ग्रामीण आजीविका मिशन दीनदयाल सिंह ने अधीनस्थ कर्मचारियों को जनवरी माह में ही शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
एडीओ दीनदयाल सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 के लिए आकू ब्लॉक को 4556 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष अब तक 3334 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकीं हैं। शेष 1222 महिलाओं को जनवरी माह में ही लखपति दीदी बनाकर लक्ष्य पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंकों से कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस धनराशि से महिलाएं फास्ट फूड ठेले, ब्यूटी पार्लर, पशुपालन, अचार-पापड़ निर्माण सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर रहीं हैं। वर्तमान में कई महिलाएं ब्लॉक कार्यालय में प्रेरणा दीदी कैंटीन, विदुर ब्रांड आउटलेट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कैंटीन तथा पशु चिकित्सा केंद्र पर प्रेरणा दीदी कैंटीन का संचालन कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
एडीओ ने बताया कि पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक, वृद्धा पेंशन प्राप्त करने वाली तथा वीबीजी-रामजी योजना में कार्यरत महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नहटौर। आकू ब्लॉक में वर्तमान सत्र के दौरान लक्ष्य के सापेक्ष करीब 73 प्रतिशत महिलाएं लखपति दीदी बन चुकीं हैं। सहायक विकास अधिकारी ग्रामीण आजीविका मिशन दीनदयाल सिंह ने अधीनस्थ कर्मचारियों को जनवरी माह में ही शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
एडीओ दीनदयाल सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 के लिए आकू ब्लॉक को 4556 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष अब तक 3334 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकीं हैं। शेष 1222 महिलाओं को जनवरी माह में ही लखपति दीदी बनाकर लक्ष्य पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आजीविका उपलब्ध कराने के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक निवेश निधि तथा बैंकों से कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस धनराशि से महिलाएं फास्ट फूड ठेले, ब्यूटी पार्लर, पशुपालन, अचार-पापड़ निर्माण सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियां शुरू कर रहीं हैं। वर्तमान में कई महिलाएं ब्लॉक कार्यालय में प्रेरणा दीदी कैंटीन, विदुर ब्रांड आउटलेट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कैंटीन तथा पशु चिकित्सा केंद्र पर प्रेरणा दीदी कैंटीन का संचालन कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
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एडीओ ने बताया कि पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक, वृद्धा पेंशन प्राप्त करने वाली तथा वीबीजी-रामजी योजना में कार्यरत महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा।
