Deoband: अमेरिकी नागरिक मौलाना मुफ्ती यासिर नदीम पर मुकदमा दर्ज, मूर्ति पूजा को बताया था बड़ा अपराध
देवबंद निवासी और वर्तमान में अमेरिका के शिकागो में रह रहे इस्लामी विद्वान मौलाना मुफ्ती डॉ. यासिर नदीम-अल-वाजदी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक एवं इस्लामी विद्वान मौलाना मुफ्ती डॉ. यासिर नदीम-अल-वाजदी के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो के आधार पर की है।
एक्स पर साझा वीडियो के बाद दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस के अनुसार हरेंद्र चौधरी नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी के दौरान मौलाना मुफ्ती यासिर नदीम से एक प्रश्न पूछा गया, जिसमें मंदिर में मूर्ति पूजा और एक बच्ची के साथ गलत हरकत से जुड़े उदाहरण का उल्लेख था।
आरोप है कि जवाब में उन्होंने मूर्ति पूजा को बड़ा अपराध बताया। शिकायतकर्ता ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने विभिन्न धाराओं में दर्ज किया मुकदमा
शिकायत के आधार पर मंगलौर पुलिस चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह की ओर से मुफ्ती यासिर नदीम-अल-वाजदी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि एक्स प्लेटफॉर्म पर साझा वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों और वीडियो की जांच की जा रही है।
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कौन हैं मुफ्ती यासिर नदीम-अल-वाजदी?
मौलाना मुफ्ती डॉ. यासिर नदीम-अल-वाजदी भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं और वर्तमान में अमेरिका के शिकागो में निवास करते हैं। वह दारुल उलूम ऑनलाइन के संस्थापक एवं निदेशक हैं। साथ ही शिकागो स्थित इस्लामिक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में हदीस और फिक्ह की शिक्षा देते हैं। उन्होंने इस्लामी विषयों पर कई पुस्तकें भी लिखी हैं।
मुफ्ती यासिर नदीम, देवबंद निवासी अरबी भाषा के प्रसिद्ध विद्वान दिवंगत मौलाना नदीम-उल-वाजदी के पुत्र हैं।