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Bijnor News: बैनामों पर रोक के लिए पहली सूची तैयार
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बिजनौर। जिले में शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण के मार्ग में आने वाली भूमि के बैनामों (रजिस्ट्री) पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इस संबंध में, उप जिलाधिकारी (एसएलओ) विभाग ने निबंधन विभाग को तीन गांवों की सूची भेज दी है, ताकि इन गांवों में होने वाले भूमि के हस्तांतरण को रोका जा सके। यह कवायद एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सुचारू बनाने और किसी भी प्रकार के अनधिकृत लेन-देन को रोकने के उद्देश्य से की जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) द्वारा पानीपत से गोरखपुर तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण के लिए बिजनौर जिले के करीब 200 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजनौर, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर तहसील के गांवों से होकर निकलेगा। भूमि अधिग्रहण के लिए एनएचआई ने प्रशासन को उन गांवों की सूची भेजी है, जिसे एसएलओ विभाग गाटा संख्या के लिए तैयार कर रहा है।
पहली सूची में नजीबाबाद तहसील के फजलपुर पर्वत, वीरपुर और फैजाबाद गांव की जमीन की जानकारी निबंधन विभाग को गाटा संख्या के साथ सौंप दी गई है। माना जा रही है कि इसी माह एक्सप्रेसवे के मार्ग में पड़ने वाले सभी गांवों की सूची निबंधन विभाग को बैनामों पर रोक के लिए दे दी जाएगी।
एआईजी स्टांप आशुतोष जोशी ने बताया कि अभी कुछ गांवों की सूची मिली है, जो संबंधित तहसील ऑफिस को भेज दी गई है। पूरी जानकारी मिलने पर बैनामों पर रोक लगाई जाएगी।
औद्योगिक गलियारे के लिए भी तलाशी जा रही जमीन : एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ-साथ, इसके किनारे एक औद्योगिक गलियारा भी विकसित करने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और समग्र रूप से जिले का विकास होगा। इस औद्योगिक गलियारे के विकसित होने से बिजनौर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। इसके लिए भी जिले में करीब 12 हजार बीघा जमीन की तलाश चल रही है।
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पहली सूची में नजीबाबाद तहसील के फजलपुर पर्वत, वीरपुर और फैजाबाद गांव की जमीन की जानकारी निबंधन विभाग को गाटा संख्या के साथ सौंप दी गई है। माना जा रही है कि इसी माह एक्सप्रेसवे के मार्ग में पड़ने वाले सभी गांवों की सूची निबंधन विभाग को बैनामों पर रोक के लिए दे दी जाएगी।
एआईजी स्टांप आशुतोष जोशी ने बताया कि अभी कुछ गांवों की सूची मिली है, जो संबंधित तहसील ऑफिस को भेज दी गई है। पूरी जानकारी मिलने पर बैनामों पर रोक लगाई जाएगी।
औद्योगिक गलियारे के लिए भी तलाशी जा रही जमीन : एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ-साथ, इसके किनारे एक औद्योगिक गलियारा भी विकसित करने की योजना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जिले में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और समग्र रूप से जिले का विकास होगा। इस औद्योगिक गलियारे के विकसित होने से बिजनौर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर सकता है। इसके लिए भी जिले में करीब 12 हजार बीघा जमीन की तलाश चल रही है।