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Bijnor News: सरकारी सील हटाकर आरा मशीन चलाने में चार पर केस
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बिजनौर। रसूख के दम पर प्रशासन की सील को हटाकर आरा मशीन का संचालन करना भारी पड़ गया है। संचालकों पर प्रशासन ने केस दर्ज करा दिया है। दरअसल तालिब बंधुओं पर की जा रही कार्रवाई के लपेटे में यह मशीन भी फंसी थी।
शहर कोतवाली में लेखपाल रजत चौधरी की ओर से मोहल्ला चाहशीरी निवासी जावेद अहमद, वकार अहमद, मकसूर और इमरान अहमद के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 6 अक्तूबर 2025 को प्रशासन की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्रिस्तान की पैमाइश की थी। उस वक्त यह आरा मशीन कब्रिस्तान की जमीन में चलती मिली, जिसके बाद मैसेज दिलावर एंड संस आरा मशीन को सील कर दिया गया था। वन विभाग को भी आरा मशीन के संचालन में तमाम खामियां मिली थी। बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पर हमला किए जाने के बाद से तालिब और खालिद बंधुओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही थी। इस मशीन को लेकर भी उनकी साझेदारी की बात कही गई थी।
उधर सूत्रों का कहना है कि इसके संचालकों ने साठगांठ करते हुए सरकारी कागजों में सील खुले बिना ही धरातल पर आरा मशीन का संचालन फिर से शुरू कर दिया था। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से पांचवीं बार मुलाकात करते हुए तालिब बंधुओं पर की गई कार्रवाई में लीपापोती का आरोप लगाया था। इसके बाद तालिब और खालिद बंधुओं पर प्रशासन ने फिर से शिकंजा कसा तो यह आरा मशीन भी चलती पाई गई। इसके बाद उक्त क्षेत्र के हल्का लेखपाल को डीएम ने दो दिन पहले ही निलंबित कर दिया था और आरा मशीन संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में इनके खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शहर के बीच में थी आरा मशीन, सोता रहा प्रशासन
यह आरा मशीन बिजनौर झालू रोड पर शहर के बीच में स्थित है। इस सड़क से जो भी गुजरेगा उसकी नजर पढ़नी तय है। मगर तहसील प्रशासन को चार महीने तक यह नजर ही नहीं आया कि उनकी लगाई गई सील को खोलकर आरा मशीन का संचालन किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि जिम्मेदारों ने ही आरा मशीन के संचालन की मौन स्वीकृति दे रखी थी। अब कहीं फिर से शासन स्तर पर शिकायत ना हो जाए इसलिए उक्त कार्रवाई की गई है।
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शहर कोतवाली में लेखपाल रजत चौधरी की ओर से मोहल्ला चाहशीरी निवासी जावेद अहमद, वकार अहमद, मकसूर और इमरान अहमद के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 6 अक्तूबर 2025 को प्रशासन की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर कब्रिस्तान की पैमाइश की थी। उस वक्त यह आरा मशीन कब्रिस्तान की जमीन में चलती मिली, जिसके बाद मैसेज दिलावर एंड संस आरा मशीन को सील कर दिया गया था। वन विभाग को भी आरा मशीन के संचालन में तमाम खामियां मिली थी। बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष पर हमला किए जाने के बाद से तालिब और खालिद बंधुओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही थी। इस मशीन को लेकर भी उनकी साझेदारी की बात कही गई थी।
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उधर सूत्रों का कहना है कि इसके संचालकों ने साठगांठ करते हुए सरकारी कागजों में सील खुले बिना ही धरातल पर आरा मशीन का संचालन फिर से शुरू कर दिया था। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से पांचवीं बार मुलाकात करते हुए तालिब बंधुओं पर की गई कार्रवाई में लीपापोती का आरोप लगाया था। इसके बाद तालिब और खालिद बंधुओं पर प्रशासन ने फिर से शिकंजा कसा तो यह आरा मशीन भी चलती पाई गई। इसके बाद उक्त क्षेत्र के हल्का लेखपाल को डीएम ने दो दिन पहले ही निलंबित कर दिया था और आरा मशीन संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में इनके खिलाफ शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शहर के बीच में थी आरा मशीन, सोता रहा प्रशासन
यह आरा मशीन बिजनौर झालू रोड पर शहर के बीच में स्थित है। इस सड़क से जो भी गुजरेगा उसकी नजर पढ़नी तय है। मगर तहसील प्रशासन को चार महीने तक यह नजर ही नहीं आया कि उनकी लगाई गई सील को खोलकर आरा मशीन का संचालन किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि जिम्मेदारों ने ही आरा मशीन के संचालन की मौन स्वीकृति दे रखी थी। अब कहीं फिर से शासन स्तर पर शिकायत ना हो जाए इसलिए उक्त कार्रवाई की गई है।