UP: बिजनौर में बड़ी कार्रवाई, ओवरहेड टैंक के भीतर मिला लकड़ी का जखीरा, वन विभाग का छापा, अवैध कटान पर उठे सवाल
बिजनौर के कादराबाद क्षेत्र में वन विभाग के उड़न दस्ते ने बड़ी कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक परिसर से अस्सी से सौ क्विंटल प्रतिबंधित जंगल की लकड़ी बरामद की। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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बिजनौर के कादराबाद क्षेत्र के गांव रसूलपुर आबाद में वन विभाग के उड़न दस्ते ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित जंगल की लकड़ी बरामद की है। यह लकड़ी निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक परिसर के भीतर बने बोरिंग स्थल से बरामद हुई। बरामद लकड़ी का वजन करीब अस्सी से सौ क्विंटल बताया जा रहा है।
वन विभाग की टीम ने मौके से लकड़ी कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध लकड़ी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
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मंगलवार को मुरादाबाद से वन विभाग का उड़न दस्ता गांव रसूलपुर आबाद पहुंचा। यहां टीम ने अनीस पुत्र अफसर अहमद के यहां बने लकड़ी पड़ाव पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान खैर, शीशम, सागौन और कुकाट जैसी बेशकीमती जंगल की लकड़ियां बरामद की गईं।
टीम को निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक परिसर में बने बोरिंग स्थल के भीतर लकड़ियों का बड़ा जखीरा मिला। इसके अलावा परिसर के बाहर भी काफी मात्रा में लकड़ी जमा की गई थी। वन कर्मियों ने श्रमिकों की मदद से लकड़ियों को ट्रैक्टर ट्रालियों में भरवाकर कब्जे में ले लिया।
चार दिन पहले जिलाधिकारी जसजीत कौर ने क्षेत्र में निर्माणाधीन ओवरहेड टैंकों और उनसे जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों को ओवरहेड टैंक और बोरिंग स्थल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए थे।
इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों ने परिसर में जमा लकड़ियों को हटाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। हैरानी की बात यह भी है कि ग्राम प्रधान के घर से महज दो सौ मीटर की दूरी पर यह लकड़ी जमा थी, फिर भी इस मामले की जानकारी होने से इनकार किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित जंगल की लकड़ियों का अवैध कटान जारी है। बताया जाता है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया वाहनों के माध्यम से जंगल की बेशकीमती लकड़ी काटकर लाई जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और वन विभाग के कुछ कर्मियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार लगातार चल रहा है और लकड़ी तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती।
इस संबंध में वन दरोगा सत्यवीर ने बताया कि बरामद लकड़ियों को कब्जे में ले लिया गया है और उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।