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Bijnor News: कदम बाबा देव स्थल पर जाने वाला मार्ग नहीं बन सका पक्का
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राजा का ताजपुर। प्राचीन प्रसिद्ध कदम बाबा देव स्थल ताजपुर क्षेत्र में आस्था का केंद्र बना हुआ है लेकिन इस देव स्थल पर जाने वाला मार्ग कच्चा और खस्ता हालत में है। इस मार्ग को बनवाने के लिए ग्रामीणों द्बारा कई बार मांग उठाई जा चुकी है जो अभी तक पूरी नहीं हो सकी।
ताजपुर से एक किलोमीटर दूर कडूला नदी के पार प्राचीन कदम बाबा देव स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस देश स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। इस कदम बाबा के तले व मंदिर पर श्रद्धालुओं द्बारा माथा टेकने मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर के प्रांगण में सैकड़ों वर्ष पुराने कदम व पीपल के वृक्ष एक जगह ही आपस में मिले हुए हैं। आए दिन श्रद्धालु इस मंदिर पर भंडारे का आयोजन करते हैं। लेकिन मंदिर की इतनी आस्था होते हुए ताजपुर से देव स्थल तक जाने वाला लगभग एक किमी दूरी का रास्ता कच्चा ही है। बरसात के दौरान इस रास्ते की हालत बेहद खराब हो जाती है। जिस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीण कुंवरपाल सैनी का कहना है कि यह देव स्थल वर्षों पुराना है यहां हर व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती हैं लेकिन इस देव स्थल पर जाने वाला रास्ता अभी तक कच्चा है।
संजीव वालिया का कहना है कि इस देश स्थल पर काफी श्रद्धालुगण पहुंचते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। मगर आने जाने में रास्ते की वजह से दिक्कत होती है।
प्रदीप त्यागी का कहना कि ताजपुर से देव स्थल को जाने वाला एक किमी का मार्ग अभी तक कच्चा व खस्ता हालत में है। जिसे बनवाने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है।
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ताजपुर से एक किलोमीटर दूर कडूला नदी के पार प्राचीन कदम बाबा देव स्थल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है। इस देश स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं। इस कदम बाबा के तले व मंदिर पर श्रद्धालुओं द्बारा माथा टेकने मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंदिर के प्रांगण में सैकड़ों वर्ष पुराने कदम व पीपल के वृक्ष एक जगह ही आपस में मिले हुए हैं। आए दिन श्रद्धालु इस मंदिर पर भंडारे का आयोजन करते हैं। लेकिन मंदिर की इतनी आस्था होते हुए ताजपुर से देव स्थल तक जाने वाला लगभग एक किमी दूरी का रास्ता कच्चा ही है। बरसात के दौरान इस रास्ते की हालत बेहद खराब हो जाती है। जिस पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
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ग्रामीण कुंवरपाल सैनी का कहना है कि यह देव स्थल वर्षों पुराना है यहां हर व्यक्ति की मनोकामना पूर्ण होती हैं लेकिन इस देव स्थल पर जाने वाला रास्ता अभी तक कच्चा है।
संजीव वालिया का कहना है कि इस देश स्थल पर काफी श्रद्धालुगण पहुंचते हैं और भंडारे का आयोजन करते हैं। मगर आने जाने में रास्ते की वजह से दिक्कत होती है।
प्रदीप त्यागी का कहना कि ताजपुर से देव स्थल को जाने वाला एक किमी का मार्ग अभी तक कच्चा व खस्ता हालत में है। जिसे बनवाने के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है।
